Newzfatafatlogo

भारत के रूस से तेल आयात में कमी पर ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूस से तेल आयात में कमी को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने यह कदम उन्हें खुश करने के लिए उठाया है। इस पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या उनकी विदेश नीति अमेरिका द्वारा निर्धारित की जा रही है। ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानें पूरी कहानी में क्या है।
 | 
भारत के रूस से तेल आयात में कमी पर ट्रंप का बयान

भारत का रूस से तेल आयात घटा

भारत का रूस से तेल आयात: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूस से तेल आयात में कमी को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। ट्रंप का कहना है कि भारत ने यह कदम उन्हें खुश करने के लिए उठाया है, क्योंकि उनके लिए खुश रहना आवश्यक है। इस बयान के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं।

एक समाचार स्रोत के अनुसार, नवंबर में भारत का रूसी तेल आयात लगभग 17.7 लाख बैरल प्रति दिन था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रति दिन रह गया। भविष्य में यह आंकड़ा 10 लाख बैरल प्रति दिन से भी कम हो सकता है। यह पहली बार है जब भारत ने 2021 के बाद से रूस से कच्चे तेल का आयात कम किया है, जिस पर ट्रंप ने टिप्पणी की है।

ट्रंप ने कहा, "वे मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी एक अच्छे इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था, इसलिए उन्हें मुझे खुश करना जरूरी था। हम व्यापार करते हैं और उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।"

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए

ट्रंप के बयान का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, "ट्रंप के अनुसार, मोदी ने रूस से तेल खरीदना इसलिए कम किया क्योंकि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने का दबाव डाला। मोदी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उनकी विदेश नीति अमेरिका द्वारा निर्धारित की जा रही है? क्या रूस से तेल खरीदना बंद करने का कारण ट्रंप को खुश करना था? ट्रंप कभी सीजफायर की बात करते हैं, कभी रूस से तेल खरीदने पर रोक लगाने की। आखिर मोदी चुप क्यों हैं? मोदी की कमजोरी का खामियाजा देश क्यों भुगत रहा है? ट्रंप से मोदी इतना डरते क्यों हैं?"