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भारत को नक्सलवाद मुक्त करने की दिशा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है, जिसमें लगभग 50,000 जवान शामिल हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च तक नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। हाल के महीनों में कई नक्सली मारे गए हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। जानें इस अभियान की पूरी जानकारी और बचे हुए नक्सलियों की स्थिति के बारे में।
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भारत को नक्सलवाद मुक्त करने की दिशा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की मुहिम


नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए निर्धारित समय सीमा में केवल तीन दिन शेष रह गए हैं। इस संदर्भ में, सुरक्षा बलों ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च तक भारत को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। सूत्रों के अनुसार, कुछ राज्यों में केवल 100 से 150 नक्सली बचे हैं, और इनका खात्मा करने के लिए लगभग 50,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। हाल के महीनों में, कई नक्सली मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है।


मुखधारा में लौटने वाले नक्सली

सुरक्षा बलों के दबाव और सरकार की पुनर्वास नीतियों के कारण कई नक्सली मुख्यधारा में लौट आए हैं। ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों में 100 से 150 नक्सली छिपे हुए हैं। सुरक्षा बल अब अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के अंतिम चरण में हैं। बचे हुए नक्सली अब बड़े हमले करने की स्थिति में नहीं हैं और केवल आईईडी विस्फोट के माध्यम से सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।


सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन

नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम प्रहार के तहत सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाएंगे। इस अभियान में शामिल 50,000 जवानों में कोबरा कमांडो, केंद्रीय बल और राज्य पुलिस के जवान शामिल हैं। केंद्रीय बलों के अधिकारियों का मानना है कि बचे हुए नक्सली आत्मसमर्पण के लिए आगे आएंगे। हाल के महीनों में, नक्सलियों के कई शीर्ष नेता मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है।


कोबरा बटालियन की महत्वपूर्ण भूमिका

कमांडो बटालियन फॉर रिसोल्यूट एक्शन (कोबरा) ने नक्सलियों के खात्मे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जंगल युद्ध में इस बटालियन के कमांडो अमेरिकी मरीन कमांडो के समकक्ष माने जाते हैं। इनका गठन भी अमेरिकी मरीन कमांडो फोर्स की तर्ज पर किया गया था। कोबरा कमांडो पहली बार 2015 में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए थे।


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