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भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट में दिया सहारा, 50 मिलियन डॉलर का भुगतान किया

भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट के समय में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। हाल ही में, मालदीव ने भारत से जुड़े 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल का भुगतान किया। राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू ने बताया कि यह भुगतान भारत द्वारा दी गई वित्तीय सहायता का हिस्सा है। भारत ने न केवल इस बिल का भुगतान किया, बल्कि कई बार समय सीमा बढ़ाकर भी मालदीव को राहत दी है। इस सहयोग ने यह साबित किया है कि भारत हमेशा संकट के समय में अपने मित्र देशों के साथ खड़ा रहता है। जानें इस सहयोग के पीछे की पूरी कहानी और भारत-मालदीव के रिश्तों की गहराई।
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भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट में दिया सहारा, 50 मिलियन डॉलर का भुगतान किया

भारत का समर्थन: मालदीव का ट्रेजरी बिल भुगतान

मालदीव, जो आर्थिक दबाव में था, को भारत ने संकट के समय में सहायता प्रदान की। हाल ही में, मालदीव ने भारत से जुड़े 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल का भुगतान किया। राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू ने बताया कि उनकी सरकार ने इस ट्रेजरी बिल का भुगतान किया, जो भारत द्वारा वित्तीय संकट से उबारने के लिए दी गई सहायता का हिस्सा था। 2019 में, मालदीव की पूर्व सरकार ने बजट घाटे को पूरा करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल जारी किए थे। उस समय मालदीव की आर्थिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, और भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया। ट्रेजरी बिल, जिसे टी बिल भी कहा जाता है, सरकारों द्वारा अल्पकालिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जारी किए जाते हैं। 


भारत की निरंतर सहायता

भारत ने केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दी, बल्कि कई बार भुगतान की समय सीमा बढ़ाकर भी मालदीव को राहत प्रदान की। राष्ट्रपति मोजूक के अनुसार, उनकी सरकार ने जनवरी 2024 में एक 50 मिलियन डॉलर का डे बिल चुका दिया है और अब दूसरा भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक और टी बिल का भुगतान सितंबर में किया जाना है। मुजू ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने पूर्व सरकार द्वारा छोड़े गए भारी कर्ज बोझ को कम करने के लिए यह कदम उठाया है। इस प्रक्रिया से मालदीव को 150 मिलियन डॉलर के संभावित कर्ज दबाव से राहत मिली है। भारत और मालदीव के बीच आर्थिक सहयोग हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। जब भी मालदीव पर आर्थिक संकट आया, भारत ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया। 


कोविड महामारी के दौरान भी सहायता

कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत ने मालदीव को दवाइयां, आवश्यक सामान और आर्थिक सहायता प्रदान की थी। भारत ने 2019 से कई बार मालदीव के ट्रेजरी बिलों का रोलओवर किया, यानी भुगतान की अवधि बढ़ाकर मालदीव को तत्काल आर्थिक दबाव से राहत दी। कई मामलों में यह राहत बिना ब्याज के भी दी गई, ताकि मालदीव की विदेशी मुद्रा स्थिति पर प्रभाव कम हो सके। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि भारत केवल पड़ोसी नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद मित्र भी है। भारत ने उस समय भी मालदीव की मदद की जब मुईजू सरकार भारत के खिलाफ बयानबाजी कर रही थी। राजनीतिक बयानबाजी अलग हो सकती है, लेकिन संकट के समय भारत हमेशा अपने मित्र देशों के साथ खड़ा रहता है।