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भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में मोदी ने बढ़ाई सहयोग की उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की बात की। इस सम्मेलन में शामिल नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ मोदी ने व्यापार, डिजिटल तकनीक, और टिकाऊ विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। जानें इस सम्मेलन के दौरान क्या-क्या हुआ और भविष्य की योजनाएं क्या हैं।
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भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में मोदी ने बढ़ाई सहयोग की उम्मीदें

भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग

नॉर्वे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 19 मई को तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून के प्रति सम्मान के दृष्टिकोण से भारत और नॉर्डिक देशों के बीच स्वाभाविक साझेदारी है। नॉर्डिक देशों में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन शामिल हैं, जिनके प्रधानमंत्री इस सम्मेलन में उपस्थित रहे।


मोदी ने आगे कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में यह साझेदारी और भी मजबूत होगी। इससे पहले, उन्होंने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ओर्पो और आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन म्योल फ्रॉस्टाडोटिर से भी मुलाकात की। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना था।


प्रधानमंत्री मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं, जिसमें नॉर्वे उनका चौथा पड़ाव है। इससे पहले, उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा किया। नॉर्वे से, प्रधानमंत्री इटली के दौरे पर जाएंगे। भारत-नॉर्डिक सम्मेलन के अलावा, मोदी ने मंगलवार को फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑरपो से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा और टिकाऊ विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया।