भारत में एलपीजी की आपूर्ति को मजबूती देने वाला नंदा देवी टैंकर
नंदा देवी टैंकर का आगमन
एक और एलपीजी टैंकर, नंदा देवी, भारत की ओर बढ़ रहा है, जो 47,000 मीट्रिक टन से अधिक द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस लेकर आ रहा है। यह जहाज भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर चुका है और इसकी गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर सुबह लगभग 10 बजे पहुंचने की उम्मीद है। यह टैंकर मध्य पूर्व में बढ़ते संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला दूसरा जहाज है। एक दिन पहले, शिवालिक नामक एक अन्य टैंकर, जो 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया था, गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा। इसमें लगभग 32.4 लाख मानक घरेलू सिलेंडरों के बराबर एलपीजी थी, जिसका उपयोग भारतीय घरों में किया जाता है। अधिकारियों का मानना है कि यह टैंकर भारत की कुल एलपीजी आयात आवश्यकता का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है।
सुरक्षित पारगमन की जानकारी
जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शिवालिक और नंदा देवी के क्रमशः 16 और 17 मार्च को पहुंचने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में भारतीय ध्वज वाले 24 जहाज मौजूद थे, जिनमें से शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं। नंदा देवी के गुजरात पहुंचने के बाद, इसे तमिलनाडु को 24,000 मीट्रिक टन एलपीजी भेजने की योजना है।
एलपीजी की आपूर्ति में सुधार
दो टैंकरों के आगमन से भारत में एलपीजी की आपूर्ति में स्थिरता आने की उम्मीद है, जिससे व्यापक स्तर पर फैली कमी की चिंताओं का समाधान होगा। वर्तमान में, कई शहरों में लंबी कतारें देखी जा रही हैं, और होटल, रेस्तरां तथा स्ट्रीट शॉप चलाने वाले छोटे व्यवसायी इस कमी से चिंतित हैं कि कहीं उन्हें अपने कारोबार को बंद न करना पड़े।
