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भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना: मोदी और इशिबा की यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान में बुलेट ट्रेन का अनुभव किया, जिसमें उन्होंने भारत में प्रस्तावित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर चर्चा की। यह परियोजना 508 किलोमीटर लंबी होगी और इसे 2028 तक चालू करने की योजना है। जानें इस परियोजना की विशेषताएँ और भविष्य की संभावनाएँ।
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भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना: मोदी और इशिबा की यात्रा

भारत में बुलेट ट्रेन का सपना

भारत में बुलेट ट्रेन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जापान की यात्रा के दौरान वहां की प्रसिद्ध शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का अनुभव किया। इस यात्रा में उनके साथ जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा भी शामिल थे। इस दौरे का मुख्य फोकस भारत में प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना पर था, जो मुंबई से अहमदाबाद के बीच संचालित होगी।


हाई-स्पीड रेल का सपना साकार

भारत में हाई-स्पीड रेल का सपना कई वर्षों से देखा जा रहा है और अब यह धीरे-धीरे वास्तविकता में बदल रहा है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की लंबाई 508 किलोमीटर होगी, और यह दूरी केवल 2 घंटे 7 मिनट में तय की जाएगी। इस परियोजना का पहला खंड गुजरात में 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पूरी रूट 2028 तक चालू हो सकती है।


भारतीय रेलवे और जापान का सहयोग

भारतीय रेलवे और जापान का सहयोग

इस परियोजना पर भारतीय रेलवे और जापान की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी ने गहन अध्ययन के बाद समझौता किया था। जापान ने इस योजना के लिए 80 प्रतिशत फंडिंग सॉफ्ट लोन के माध्यम से देने का आश्वासन दिया है। हालांकि शुरुआत में कुछ देरी हुई, लेकिन अब काम तेजी से प्रगति पर है।


शिंकानसेन की विशेषताएँ

जापान की शिंकानसेन की विशेषताएँ

बुलेट ट्रेन की पहचान उसकी गति और सुरक्षा से होती है। कोई ट्रेन तभी बुलेट ट्रेन कहलाती है जब उसकी गति 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो और इसके लिए विशेष ट्रैक बनाए जाएं। जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन विश्वभर में प्रसिद्ध है। भारत के लिए शुरू में E5 सीरिज की ट्रेन लाने की योजना थी, लेकिन अब जापान ने नई पीढ़ी की E10 शिंकानसेन ट्रेन की पेशकश की है। इसका डिजाइन जापान के प्रसिद्ध सकुरा फूल से प्रेरित है और यह भूकंप-रोधी है।


भविष्य की बुलेट ट्रेन रूट्स

इन रूट्स पर चल सकती हैं बुलेट ट्रेनें

E10 शिंकानसेन की अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन तकनीकी रूप से यह 360 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक चल सकती है। भारत के लिए इसमें कुछ विशेष बदलाव किए जाएंगे, जैसे अधिक सामान रखने की जगह और व्हीलचेयर के लिए सुविधाएँ। पीएम मोदी और जापानी पीएम इशिबा ने इस यात्रा के दौरान भारत में अन्य हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं पर भी चर्चा की। भविष्य में दिल्ली से अमृतसर और पुणे से अहमदाबाद जैसी रूट्स पर भी ऐसी बुलेट ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इस परियोजना के पूरा होने से भारत की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और लोग कम समय में लंबी दूरी तय कर सकेंगे।