मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा सीट पर उठे सवाल
राज्यसभा सीट पर दिग्विजय सिंह का निर्णय
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिलने की संभावना है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जो लगातार दो बार राज्यसभा जा चुके हैं, ने इस बार स्पष्ट किया है कि वे इस बार नहीं जाएंगे। ऐसा लगता है कि उन्हें यह आभास हो गया है कि कांग्रेस आलाकमान उन्हें फिर से नहीं भेजेगा। इसलिए, उन्होंने पहले से ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर ली है। यदि वे वास्तव में राज्यसभा जाना चाहते होते, तो स्थिति अलग होती, लेकिन अब उनकी अनिच्छा उनकी शक्ति को बढ़ा सकती है। इससे यह तय करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है कि कांग्रेस की टिकट किसे मिलेगी।
कमलनाथ की राज्यसभा सीट पर नजर
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी राज्यसभा सीट की ओर देख रहे हैं। उनके लंबे राजनीतिक करियर में यह पहला अवसर है जब उनके परिवार का कोई सदस्य किसी सदन में नहीं है। उनकी पारंपरिक ठिंदवाड़ा सीट पर उनके बेटे नकुलनाथ पिछली बार हार गए थे। इस स्थिति में, कमलनाथ खुद या अपने बेटे के लिए राज्यसभा की सीट की चाह रखते हैं। इस बीच, कांग्रेस के नेता प्रदीप अहिरवार ने सुझाव दिया है कि पार्टी को किसी दलित को राज्यसभा भेजना चाहिए। यह माना जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेता इस तरह की बातें फैला रहे हैं ताकि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का रास्ता रोका जा सके। यदि दिग्विजय सिंह नहीं जा रहे हैं, तो किसी दलित को भेजने का नैरेटिव बनाना कमलनाथ और जीतू पटवारी दोनों के लिए चुनौती बन सकता है। इस प्रकार, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की एक सीट का मामला काफी दिलचस्प हो गया है।
