ममता बनर्जी और केंद्र के बीच राजनीतिक विवाद गहराया
कोलकाता में नया विवाद
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच एक नया राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हालिया यात्रा के बाद बयानबाजी में तेजी आई है। ममता बनर्जी ने एक पुरानी तस्वीर का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रपति के प्रति सम्मान को लेकर सवाल उठाए। भाजपा ने इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया मामला बताते हुए कहा कि यह तस्वीर भारत रत्न सम्मान समारोह की है, जिसमें प्रोटोकॉल का पालन किया गया था।
तस्वीर पर उठे सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक तस्वीर दिखाई गई। इस तस्वीर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी नजर आती हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुर्सी पर बैठे हुए दिखते हैं। इसी तस्वीर के आधार पर ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं तो ऐसा दृश्य क्यों दिखाई दे रहा है। उन्होंने अपने सार्वजनिक कार्यक्रम में इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा पर हमला बोला।
यहां देखें वीडियो
The Prime Minister keeps making grand claims about respecting the President's office.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 8, 2026
Let us take a good look at this photo. The country's first tribal woman President stands while the Prime Minister sits comfortably in his chair.
All proclamations of respect for the… pic.twitter.com/LUzw5wW4dW
भाजपा का स्पष्टीकरण
भाजपा ने इस आरोप का तुरंत जवाब देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। पार्टी के अनुसार यह तस्वीर 31 मार्च 2024 की है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया था। उस समारोह में प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मान दिए जाने के दौरान अन्य लोग बैठे रहते हैं। इसलिए इसमें किसी तरह की मर्यादा का उल्लंघन नहीं हुआ।
यहां देखें वीडियो
TMC’s Fake News factory at it again.
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) March 8, 2026
The truth behind TMC’s manufactured outrage.
As per official protocol during the presentation of Bharat Ratna award, others present remain seated while the award is being conferred. There was absolutely no breach of decorum.
It is shameful… https://t.co/eS12BWnAbr pic.twitter.com/SmcntLoYau
राष्ट्रपति की यात्रा से बढ़ा तनाव
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन में शामिल होने पहुंचीं। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आम तौर पर जब राष्ट्रपति किसी राज्य में आते हैं तो मुख्यमंत्री उनका स्वागत करते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम स्थल बदल दिए जाने से कई लोगों को वहां पहुंचने में कठिनाई हुई।
This is shameful and unprecedented. Everyone who believes in democracy and the empowerment of tribal communities is disheartened.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 7, 2026
The pain and anguish expressed by Rashtrapati Ji, who herself hails from a tribal community, has caused immense sadness in the minds of the people… https://t.co/XGzwMCMFrT
केंद्र और राज्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि राष्ट्रपति के प्रति ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित था और राज्य सरकार ने पहले ही आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई थी। अब इस मामले में केंद्र ने राज्य प्रशासन से रिपोर्ट भी मांगी है।
