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ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार, राजनीतिक संकट की आशंका

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव हारने के बाद इस्तीफा न देने का निर्णय लिया है, जिससे संवैधानिक संकट की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि वे साजिश के तहत हारी हैं। ममता का कहना है कि वे अब आजाद हैं और कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
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ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार, राजनीतिक संकट की आशंका

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। ममता का कहना है कि वे लोकभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा नहीं देंगी, क्योंकि उनका मानना है कि वे चुनाव नहीं हारी हैं, बल्कि उन्हें हराया गया है। मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'मैं सीएम पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश से हारे हैं। इसलिए मैं इस्तीफा देने लोकभवन नहीं जाऊंगी।' इस बयान के बाद, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता का कहना कुछ नहीं बदलता, सब कुछ संविधान में स्पष्ट है।


संवैधानिक संकट की संभावना

ममता के इस बयान से संवैधानिक संकट उत्पन्न हो सकता है। परंपरा के अनुसार, चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी को राज्यपाल को इस्तीफा सौंपना चाहिए और अगली व्यवस्था तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री की भूमिका निभानी चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 164 में मुख्यमंत्री और मंत्रियों की नियुक्ति और उन्हें हटाने का प्रावधान है। इसमें स्पष्ट लिखा है कि राज्यपाल की अनुमति तक मुख्यमंत्री अपने पद पर बने रहेंगे। यदि ममता इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्यपाल उन्हें बर्खास्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है और ममता की पार्टी को नई विधानसभा में बहुमत नहीं मिला है।


चुनाव आयोग पर ममता का आरोप

ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग को 'असली विलेन' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर एक सौ सीटें लूटीं। उन्होंने कहा, 'अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। मैं कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं और सड़कों पर रहूंगी।' ममता ने यह भी कहा कि भाजपा ने काउंटिंग सेंटरों पर कब्जा कर लिया और उनके साथ बदसलूकी की। यह आरोप उन्होंने वोटों की गिनती के दौरान भी लगाए थे। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम सोमवार को घोषित हुए, जिसमें भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं।


विपक्षी नेताओं का समर्थन

ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विपक्षी नेताओं का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने कहा, 'पार्टी और इंडिया गठबंधन के नेता मेरे साथ हैं। हम फिर से उभरेंगे और शेर की तरह लड़ेंगे।' इस दौरान उनके साथ सरकार के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हाकिम और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे। ममता ने केंद्र सरकार, भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, 'वे आधिकारिक तौर पर हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हम चुनाव जीते हैं। चुनाव से दो दिन पहले हमारे लोगों को गिरफ्तार किया गया और जगह-जगह छापे मारे गए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इसमें सीधे तौर पर शामिल हैं। मैंने कई सरकारें देखीं, लेकिन ऐसा अत्याचार कभी नहीं देखा।'