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ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को महासचिव बनाए रखा, पार्टी में बदलाव जारी

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव में मिली हार के बावजूद अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को महासचिव बनाए रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने के लिए नई नियुक्तियों की घोषणा की है, जिसमें दो नए संयुक्त सचिव शामिल हैं। हालांकि, बैठक में सांसदों और विधायकों की उपस्थिति कम रही, जिससे पार्टी के भीतर चल रही चुनौतियों का संकेत मिलता है। जानें इस बैठक में और क्या निर्णय लिए गए हैं।
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ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को महासचिव बनाए रखा, पार्टी में बदलाव जारी

पार्टी में बदलाव और नई नियुक्तियाँ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव में मिली हार के बावजूद अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को महासचिव बनाए रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने अभिषेक की सहायता के लिए दो नए संयुक्त सचिव भी नियुक्त किए हैं। हालांकि, शुक्रवार को आयोजित बैठक में तृणमूल कांग्रेस के केवल पांच सांसद और आठ विधायक ही उपस्थित रहे।


ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई थी, जिसमें पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में संगठनात्मक बदलावों पर विशेष ध्यान दिया गया और विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियों की घोषणा की गई। अभिषेक बनर्जी को महासचिव के पद पर बनाए रखा गया है।


ममता बनर्जी ने राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन को संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्त किया है, जो राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की सहायता करेंगे। हालाँकि, ममता की बैठक में उनके 28 लोकसभा सांसदों में से केवल तीन और 13 राज्यसभा सांसदों में से दो सांसद शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायक हैं, जिनमें से 58 ने बागी होकर अलग गुट बना लिया है। बचे हुए 22 विधायकों में से केवल आठ विधायक बैठक में शामिल हुए।