Newzfatafatlogo

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक तंत्र पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र और पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भाजपा के साथ कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। ममता ने पार्टी के नेताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि यदि विपक्ष की आवाज को दबाया गया, तो वह दिल्ली में धरना देंगी। जानें इस राजनीतिक भूचाल की पूरी कहानी।
 | 
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक तंत्र पर उठाए सवाल

कोलकाता में ममता बनर्जी का आक्रामक बयान


कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा बदलाव आया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ममता बनर्जी ने राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे और पुलिस बल के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने पुलिस और विपक्षी दल भाजपा के बीच कथित सांठगांठ पर गंभीर सवाल उठाए। ममता ने प्रशासनिक रवैये की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला बताया।


कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और पुलिस का राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी टीएमसी के विधायकों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं ताकि वे भाजपा में शामिल हो जाएं। इसके अलावा, उन्होंने शहर में फेरीवालों के खिलाफ बिना उचित पुनर्वास योजना के की गई कार्रवाई की भी आलोचना की।


भाजपा पर गंभीर आरोप

बड़े नेताओं को खत्म करने की साजिश


टीएमसी प्रमुख ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी की जान लेने की साजिश कर रहे हैं। हाल ही में इन नेताओं पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को खत्म करने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत भीड़ का सहारा लिया गया। अभिषेक बनर्जी फिलहाल घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।


धरने की अनुमति न मिलने पर नाराजगी

कोलकाता में धरने की अनुमति नहीं


ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड पर 100 लोगों के साथ शांतिपूर्ण धरने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इसे राजनीतिक द्वेष के कारण खारिज कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य में विपक्ष की आवाज को इसी तरह दबाया गया, तो वह अकेले दिल्ली जाकर धरना देंगी।


पार्टी कार्यालयों पर हमले का दावा

ढाई हजार दफ्तरों पर कब्जे का दावा


टीएमसी प्रमुख ने कहा कि उनके लगभग 2,500 पार्टी कार्यालयों को नष्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही कई ईदगाहों और मिशनरी संस्थानों को बंद कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्यकर्ताओं को बैठकों में जाने से रोकने के लिए उन्हें अवैध हथियारों और मादक पदार्थों के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रही है।


टीएमसी की मजबूती पर विश्वास

एक-दो चेहरों के जाने से फर्क नहीं


ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक मजबूत विचारधारा है, जिसे डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पुलिस चाहे कितनी भी बंदिशें लगाए, उनका संगठन और भी मजबूत होकर उभरेगा। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि एक या दो विधायकों को तोड़ने से टीएमसी जैसी मजबूत पार्टी कमजोर नहीं होगी।