ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के दौरे पर प्रोटोकॉल विवाद पर दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री का बयान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं है। ममता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कार्यक्रम का आयोजन निजी आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा किया गया था। इसलिए यदि कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आती है।
प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप
VIDEO | Kolkata: “The President came for a private event; the West Bengal government was not involved and it was not our prerogative,” says Chief Minister Mamata Banerjee, shifting the blame to organisers over ‘protocol violation’ during President Droupadi Murmu’s visit to the… pic.twitter.com/rgpmGi9MuU
— Press Trust of India (@PTI_News) March 8, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति के कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी और न ही इसमें शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार को कार्यक्रम की जानकारी ही नहीं थी, तो उस पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाना उचित नहीं है। ममता ने यह भी कहा कि गंदगी, ग्रीन रूम की समस्या और महिलाओं के टॉयलेट की कमी जैसी शिकायतें आयोजकों और एएआई की जिम्मेदारी हैं।
प्रधानमंत्री पर आरोप
मुख्यमंत्री ने कोलकाता के धरना स्थल से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाया, जबकि वास्तविकता इससे भिन्न है। उन्होंने प्रधानमंत्री की एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि तस्वीर में प्रधानमंत्री बैठे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हैं। ममता ने कहा कि हम कभी ऐसा नहीं करते। यह भाजपा की संस्कृति है, हम राष्ट्रपति का अपमान नहीं करते।
बंगाल सरकार का सम्मान
संविधान का पूरा सम्मान करती हैं बंगाल सरकार
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार राष्ट्रपति के पद और संविधान का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और राज्य सरकार हमेशा उसकी गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
राजनीतिक आरोप
राष्ट्रपति का सम्मान हर सरकारी की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं ताकि राज्य सरकार की छवि खराब की जा सके। ममता बनर्जी ने दोहराया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अपनी तरफ से सभी जरूरी सहयोग दिया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और संविधान का सम्मान करना हर सरकार और नागरिक की जिम्मेदारी है, और पश्चिम बंगाल सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाती है।
धरने का कारण
लोगों के अधिकार के लिए बैठी हूं धरना पर
ममता बनर्जी ने बताया कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए राष्ट्रपति का बैगडोगरा हवाई अड्डे पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं धरना पर बैठी हूं ताकि लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और सरकार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने दोहराया कि राज्य सरकार हमेशा राष्ट्रपति और संविधान का सम्मान करती है और कार्यक्रम में किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए इसे जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।
विवाद का सारांश
क्या है पूरा मामला, समझिए?
गौरतलब है कि बंगाल की राजनीति में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों के मामले में सियासत गर्म हो गई है। इसकी शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति मुर्मू ने दार्जिलिंग में 9वें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन के आयोजन को लेकर असंतोष व्यक्त किया था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति पर टिप्पणी की थी। इसके बाद भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप लगाए और बयानबाजी की। दूसरी ओर टीएमसी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप को खारिज किया है।
