महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में बीजेपी को मिली बड़ी शुरुआती जीत
बीजेपी का महायुति गठबंधन चुनावों में आगे
मुंबई: मतदान के दिन से पहले, बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में एक महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है। कुल 68 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिसका अर्थ है कि उन्होंने बिना किसी प्रतिस्पर्धा के अपनी सीटें जीत ली हैं। असली मतदान 15 जनवरी को होगा, लेकिन ये परिणाम शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद सामने आए।
कई विपक्षी दलों के उम्मीदवारों ने अंतिम समय में चुनाव से हटने का निर्णय लिया। इस कारण राज्य के विभिन्न नगर निगमों और परिषदों में सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवारों को स्वतः जीत मिली। ये निर्विरोध जीतें कई प्रमुख शहरी क्षेत्रों में हुईं। 68 निर्विरोध सीटों में से, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 44 सीटें जीतीं, जिससे वह सबसे बड़ी विजेता बन गई है। ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से सबसे अधिक जीतें मिलीं।
अन्य जिलों में भी बीजेपी की जीत
बीजेपी के उम्मीदवारों ने पुणे, पिंपरी चिंचवड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर जैसे शहरों में भी निर्विरोध सीटें जीतीं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट ने 22 निर्विरोध सीटें हासिल कीं, जबकि अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने बिना मुकाबले के दो सीटें जीतीं।
बीजेपी उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया
पुणे में, बीजेपी उम्मीदवार मंजुषा नागपुरे और श्रीकांत जगताप को वार्ड नंबर 35 से विजेता घोषित किया गया, जब उनके प्रतिद्वंद्वियों ने नाम वापस ले लिया। ये दोनों नेता 2017-2022 के कार्यकाल के दौरान भी इसी वार्ड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि ये जीतें बीजेपी के शासन में लोगों के विश्वास को दर्शाती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुणे का अगला मेयर बीजेपी से होगा। उनके अनुसार, पार्टी का लक्ष्य 125 सीटें जीतना है और दो सीटें पहले ही पक्की हो चुकी हैं, इसलिए अब बाकी 123 सीटों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
शिवसेना की आलोचना
हालांकि, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इन घटनाक्रमों की कड़ी आलोचना की है। पार्टी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी उम्मीदवारों पर ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके दबाव डाला जा रहा है या उन्हें पैसे का लालच देकर चुनाव से हटने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
15 जनवरी को 29 नगर निगमों के लिए चुनाव होंगे, जिसमें महत्वपूर्ण बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) भी शामिल है। वोटों की गिनती अगले ही दिन होगी, और अब सभी की नजरें अंतिम परिणामों पर हैं।
