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महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच फोन विवाद: क्या है सच्चाई?

महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद उभरा है, जिसमें उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दुष्कर्म के आरोपी अशोक खरात के बीच फोन पर बातचीत का दावा किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने आरोप लगाया है कि शिंदे के अलावा अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी खरात से संपर्क किया। इस मामले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है, और कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच फोन विवाद: क्या है सच्चाई?

नई दिल्ली में नया राजनीतिक विवाद


महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में एक नया विवाद उभरा है, जिसमें उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दुष्कर्म के आरोपी अशोक खरात के बीच कई बार फोन पर बातचीत होने का आरोप लगाया गया है। इस खुलासे ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है।


सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने इस मामले को और बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा है कि न केवल शिंदे, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी खरात से संपर्क में थे, जिससे राजनीतिक माहौल में गर्माहट आ गई है।


फोन पर बातचीत का दावा

दमानिया ने एक मराठी चैनल से बातचीत में बताया कि शिंदे और खरात के बीच लगभग 17 बार फोन पर बातचीत हुई।


उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकारी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के माध्यम से मिली, जो एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर प्राप्त हुई। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये कॉल किस समय के दौरान हुई थीं।


उनके अनुसार, दोनों के बीच सबसे लंबी बातचीत 21 मिनट की थी।


अन्य नेताओं का भी नाम

दमानिया ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कुछ नेताओं ने भी खरात से संपर्क किया था।


उन्होंने कहा कि राकांपा नेता रूपाली चाकणकर और खरात के बीच कुल 177 बार बातचीत हुई, जिसकी कुल अवधि 33,727 सेकंड बताई गई है।


इसके अलावा, भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और राकांपा नेता सुनील तटकरे के साथ भी आठ-आठ बार बातचीत हुई थी।


चाकणकर का इस्तीफा

खरात से जुड़े विवाद के प्रकाश में आने के बाद रूपाली चाकणकर ने राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम राजनीतिक दबाव और विवाद की गंभीरता को दर्शाता है।


सरकार की प्रतिक्रिया

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि किसी व्यक्ति को फोन करना अपराध नहीं है।


भाजपा के वरिष्ठ मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी इसी तरह का रुख अपनाते हुए कहा कि "किसी से फोन पर बात करना या मिलना गलत नहीं है। आपराधिक जिम्मेदारी तब तय होती है, जब किसी अपराध में संलिप्तता साबित हो।"


खरात पर गंभीर आरोप

यह ध्यान देने योग्य है कि अशोक खरात को मार्च में एक महिला की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि पिछले तीन वर्षों में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया।


अब तक खरात के खिलाफ कुल आठ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।


सियासी घमासान

इन आरोपों के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान मच गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि मामले की सच्चाई को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।