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महाराष्ट्र में बीएमसी मेयर पद के लिए सियासी संघर्ष तेज

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के परिणामों के बाद बीएमसी मेयर पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच सियासी संघर्ष बढ़ गया है। शिवसेना के 29 पार्षद पांच दिन बाद होटल से बाहर आए हैं, जबकि मेयर पद पर शिवसेना का दावा मजबूत होता जा रहा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी मेयर पद अपने पास रखना चाहती है। इस बीच, अंतिम निर्णय दिल्ली में होने की संभावना है, जहां कई नेता इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पहुंचे हैं।
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महाराष्ट्र में बीएमसी मेयर पद के लिए सियासी संघर्ष तेज

बीजेपी और शिवसेना के बीच सत्ता की खींचतान

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच सत्ता को लेकर संघर्ष बढ़ गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद, शिवसेना के 29 पार्षद बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में ठहरे हुए थे, लेकिन मंगलवार शाम को वे पांच दिन बाद होटल से बाहर आए।


बीएमसी की 227 सीटों में से बीजेपी को 89 और शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। दोनों दल मिलकर बहुमत के करीब पहुंचते हैं। हालांकि, मेयर पद पर सहमति बनने से पहले ही शिवसेना ने अपने पार्षदों को होटल में ठहराने का निर्णय लिया था। शिवसेना का कहना था कि पार्षदों को ओरिएंटेशन वर्कशॉप के लिए होटल में रखा गया था।


मेयर पद पर शिवसेना का दावा
शिवसेना के प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहले ही संकेत दिया है कि उनकी पार्टी मेयर पद अपने पास रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष की शुरुआत हो रही है और शिवसैनिकों की इच्छा है कि इस अवसर पर बीएमसी में शिवसेना का मेयर हो। शिंदे ने यह भी बताया कि बीएमसी चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर लड़ा था और जिन नगर निगमों में दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा है, वहां महायुति का ही मेयर बनना चाहिए।


बीएमसी मेयर पद को लेकर अंतिम निर्णय अब दिल्ली में होने की संभावना जताई जा रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को बीजेपी और शिंदे गुट के कई नेता दिल्ली पहुंचे हैं। इनमें महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता राहुल शेवाले शामिल हैं।