महिला आरक्षण पर गरमाई बहस: अखिलेश यादव ने स्मृति ईरानी पर साधा निशाना
लोकसभा में गरमागरम बहस
नई दिल्ली: गुरुवार को लोकसभा के विशेष सत्र में परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण पर चर्चा ने काफी गर्मी पकड़ी। इस बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखे आरोप लगाए। महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर भी कटाक्ष किया।
अखिलेश यादव का कटाक्ष
महिला आरक्षण और सीटों के आरक्षण पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “अगर आप सीटें आरक्षित कर देंगे, तो महिलाओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। आपकी वो सास-बहू वाली तो हार गई।” इस वाक्य के माध्यम से उन्होंने स्मृति ईरानी पर व्यंग्य किया।
अखिलेश का इशारा स्मृति ईरानी की टीवी धारावाहिक ‘सास-बहू’ वाली छवि की ओर था। उन्होंने कहा कि ये लोग महिलाओं को असली अधिकार नहीं देना चाहते।
पिछड़ी महिलाओं के अधिकारों पर सवाल
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सरकार पिछड़े वर्ग की 33 प्रतिशत महिलाओं को उनके अधिकार देने से बच रही है। परिसीमन के दौरान क्षेत्रों का निर्माण इस तरह किया जा रहा है कि इसका लाभ केवल सत्ताधारी पार्टी को मिले। उन्होंने मांग की कि जनगणना पहले हो, आंकड़े सामने आएं, फिर परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।
सपा का भाजपा पर आरोप
सपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के समर्थन में है। डॉ. राम मनोहर लोहिया हमेशा जेंडर जस्टिस और सामाजिक न्याय की बात करते थे। हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन भाजपा अब महिलाओं को केवल नारे बनाने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश ने सवाल उठाया, “जिन्होंने अपनी पार्टी में महिलाओं को स्थान नहीं दिया, वे उनके सम्मान की रक्षा कैसे करेंगे?” उन्होंने कहा कि भाजपा कई वर्षों से सत्ता में है, लेकिन भारत जेंडर समानता के मामले में कहां खड़ा है, यह देखना चाहिए। उन्होंने यह भी इशारा किया कि भाजपा शासित 21 राज्यों में कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं?
अखिलेश का संदेश
अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण विधेयक हमारे आह्वान को मजबूत कर रहा है, लेकिन सरकार की नीयत पर सवाल उठता है। वे चाहते हैं कि आरक्षण के साथ-साथ सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित हो। इस कटाक्ष के बाद सदन में चर्चा और भी तेज हो गई।
