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महिला आरक्षण बिल पर राजनीतिक बहस: डिंपल यादव और अखिलेश यादव के बयान

महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से अपील की है कि वे इसे राजनीतिक रंग न दें। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि जब सभी दलों ने 2023 में इस बिल को पास कर दिया है, तो विरोध का कोई सवाल नहीं है। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल उठाए हैं कि जनगणना कराने में देरी क्यों हो रही है। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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महिला आरक्षण बिल पर राजनीतिक बहस: डिंपल यादव और अखिलेश यादव के बयान

महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी की अपील


महिला आरक्षण बिल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अप्रैल को विपक्ष से अनुरोध किया कि वे महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए सरकार द्वारा प्रस्तुत विधेयकों को राजनीतिक रंग न दें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिन लोगों ने अतीत में इस कानून का विरोध किया, उन्हें चुनावों में गंभीर नुकसान उठाना पड़ा था। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि जब 2023 में सभी दलों ने महिला आरक्षण बिल को पारित कर दिया है, तो विरोध का कोई सवाल ही नहीं उठता।


डिंपल यादव का बयान

समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव ने कहा, “यदि हम हमेशा यह चर्चा करते रहेंगे कि 25-50 साल पहले क्या होना चाहिए था, तो हम भविष्य के बारे में कैसे सोच सकते हैं? इसके अलावा, एक ऐसा नैरेटिव बनाया जा रहा है कि विपक्ष इसके खिलाफ है। लेकिन यह बिल तो 2023 में सभी पार्टियों के समर्थन से पारित हो चुका है, इसलिए विरोध का कोई सवाल नहीं है। तीसरी बात, जिस तरीके से इसे पारित किया गया—परिसीमन की प्रक्रिया से पहले जातिगत जनगणना होनी चाहिए थी; जनगणना के बाद परिसीमन होना चाहिए था; और परिसीमन के बाद ही आरक्षण लागू किया जाना चाहिए था। हम यह कहना चाहते हैं कि इस बिल पर सभी पार्टियां सहमत हैं। लेकिन इस बिल के स्वरूप को बार-बार क्यों बदला जा रहा है? यह पहला सवाल है। दूसरी बात, अगर भाजपा चाहे, तो हम तैयार हैं।”


अखिलेश यादव के सवाल

अखिलेश ने सदन में उठाए सवाल


संसद के विशेष सत्र के पहले दिन महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला। इस दौरान महिलाओं के लिए आरक्षण कानून में संशोधन करने वाला संविधान संशोधन विधेयक, वोटों के विभाजन के बाद लोकसभा में पेश किया गया। विधेयक के पक्ष में 251 वोट पड़े, जबकि विरोध में 185 वोट पड़े। इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सवाल उठाए।


लोकसभा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों है और वह जनगणना क्यों नहीं कराना चाहती? उन्होंने कहा, “जल्दबाजी क्यों है महिला (आरक्षण) विधेयक को लेकर? हम महिला (आरक्षण) विधेयक के पक्ष में हैं।” उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा, “आप जनगणना क्यों नहीं कराना चाहते? अध्यक्ष महोदय, ये जनगणना इसलिए नहीं कराना चाहते हैं क्योंकि जैसे ही जनगणना होगी, हम सब लोग जातिगत गणना मांगेंगे। जातिगत जनगणना होगी तो हम आरक्षण मांगेंगे। इसलिए आप लोग धोखा देकर लाना चाहते हो।”