मायावती ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
महिला आरक्षण पर मायावती की टिप्पणी
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब वह सत्ता में थी, तब उसने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों की अनदेखी की। अब जब ये पार्टियाँ महिलाओं के आरक्षण की बात कर रही हैं, तो यह उनके लिए एक दिखावा है।
1. देश के SC, ST व OBC समाज के संवैधानिक/क़ानूनी अधिकारों आदि के मामले में, कांग्रेस भी गिरगिट की तरह अपना रंग बदलने वाली यह पार्टी भी, महिला आरक्षण में, जो अब इन वर्गों की बात कर रही है, तो यही कांग्रेस पार्टी है जिसने अपनी केन्द्र की सरकार के रहते हुये किसी भी क्षेत्र में इनके…
— Mayawati (@Mayawati) April 17, 2026
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण को लागू करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी बताया कि ओबीसी के लिए मण्डल कमीशन की सिफारिशों को लागू करने में भी कांग्रेस ने कोई रुचि नहीं दिखाई। यह कार्य बसपा के प्रयासों से ही संभव हुआ था।
उन्होंने सपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का लाभ देने के लिए सपा ने पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। जबकि बसपा ने इसे तुरंत लागू किया। अब सपा अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कर रही है।
मायावती ने कहा कि जब सपा सत्ता में होती है, तो उसका रवैया अलग होता है, और जब नहीं होती, तो वह अलग तरीके से व्यवहार करती है। उन्होंने सभी वर्गों को चेतावनी दी कि उन्हें ऐसे राजनीतिक दलों से सावधान रहना चाहिए जो केवल चुनावी लाभ के लिए दिखावा करते हैं।
महिला आरक्षण के लिए जनगणना के आधार पर परिसीमन करने के सवाल पर, मायावती ने कहा कि यदि इसे जल्दी लागू करना है, तो उसी जनगणना के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में होती, तो वह भी बीजेपी की तरह ही कदम उठाती।
अंत में, मायावती ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और मुस्लिम समाज के वास्तविक हितों की रक्षा के लिए कोई भी पार्टी गंभीर नहीं है। उन्होंने इन वर्गों को सलाह दी कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए और आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
