मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लिया
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर विशेष कार्यक्रम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने सभी से नियमित व्यायाम करने और जंक फूड के सेवन को सीमित करने की अपील की।
भोपाल में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के मौके पर आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में, सीएम यादव ने कहा कि जंक फूड का अधिक सेवन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इसे सीमित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सूर्य नमस्कार सूर्य नारायण से जुड़ा है, जो जीवन और ऊर्जा का स्रोत है। भारतीय संस्कृति में हर पर्व और शुभ कार्य की शुरुआत दीप जलाने से होती है, जो जीवन की सार्थकता का प्रतीक है। सूर्य के माध्यम से प्रकाश संश्लेषण में पौधों और मानव जीवन में ऊर्जा का संचार होता है। योग का महत्व केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को उत्कृष्टता की ओर ले जाने का एक समग्र मार्ग है। यदि समय की कमी हो, तो 12 सूर्य नमस्कार के माध्यम से कई योग क्रियाओं का अभ्यास किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें खुद को तैयार करना आवश्यक है। हमारी संस्कृति और विरासत को संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों में पाठ्यक्रम के अलावा पाठ्यक्रम से बाहर पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। स्वाध्याय मानसिक सुख और संतुलन का एक महत्वपूर्ण साधन है।
उन्होंने पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हुए पेड़ लगाने और जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। हर दिन कम से कम आधे घंटे का व्यायाम और किसी खेल को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण भी आवश्यक है। अपनी भावनाओं को परिवार और दोस्तों के साथ साझा करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। जीवन में निराशा नहीं, बल्कि आशा बनाए रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के साथ किया जाना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के विचार युवा शक्ति को राष्ट्रभक्ति और मानवता से जोड़ते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। हिंदुत्व हमारी सांस्कृतिक पहचान है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए।
