मुरादाबाद के मेयर का पत्र: अपनी ही सरकार के खिलाफ उठाई आवाज
मुरादाबाद में राजनीतिक हलचल
मुरादाबाद: "मेरे मान-सम्मान की रक्षा करो, मुझे अफसरों पर भरोसा नहीं रहा" - यह संदेश मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए अपने पत्र में लिखा है। इस पत्र ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मेयर का आरोप है कि उनकी बाउंड्री वॉल गिराने से उन्हें 75 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने पत्र के माध्यम से अपने टूटे मनोबल का भी जिक्र किया है।
बीजेपी के महापौर विनोद अग्रवाल का यह पत्र अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। लखनऊ से लेकर स्थानीय स्तर तक इस पत्र की गूंज सुनाई दे रही है। मेयर ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उनकी बाउंड्री वॉल पर बुलडोजर चलाया, जिससे वह अपनी ही सरकार के अधिकारियों के खिलाफ भड़क उठे हैं।
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को लिखा है कि "मैं 40 वर्षों से भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता हूं और RSS से जुड़ा रहा हूं, लेकिन अब मुझे जिला प्रशासन के अधिकारियों पर विश्वास नहीं रहा।" उन्होंने मांग की है कि उनकी जमीन की पैमाइश निष्पक्ष अधिकारियों द्वारा कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह मामला धीमरी गांव का है, जहां प्रशासन ने 12 मार्च को कार्रवाई की थी। मेयर का दावा है कि यह उनकी निजी जमीन थी, जिसे उन्होंने 10 साल पहले खरीदा था और उस पर खेती हो रही थी। बाउंड्री गिरने से उन्हें 75 लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ है।
मेयर ने पत्र में यह भी लिखा है कि "ऐसे टूटे मनोबल के साथ मैं कार्यकर्ताओं के बीच कैसे जाऊं? कैसे उनका मनोबल बढ़ाऊं?" यह दर्शाता है कि बुलडोजर केवल दीवार पर नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान पर भी चला है।
यह घटना योगी सरकार की बुलडोजर नीति पर सवाल उठाती है। जब पार्टी का अपना मेयर ही निशाने पर आ जाए, तो विरोधियों की प्रतिक्रिया क्या होगी? अब यह देखना है कि प्रदेश अध्यक्ष इस पत्र पर क्या कदम उठाते हैं और मेयर का सम्मान बचता है या प्रशासन का एक्शन सही ठहराया जाता है। मुरादाबाद से लखनऊ तक सियासी हलचल जारी है।
