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मुरादाबाद में सर्दी ने तोड़ा 11 साल का रिकॉर्ड, स्कूल 14 जनवरी तक बंद

मुरादाबाद में सर्दी ने पिछले 11 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसके चलते सभी स्कूलों को 14 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। ठंड और कोहरे के कारण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दिनों में भी ठंड का असर जारी रहेगा। जानें इस सर्दी का फसलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और मौसम की भविष्यवाणी क्या है।
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मुरादाबाद में सर्दी ने तोड़ा 11 साल का रिकॉर्ड, स्कूल 14 जनवरी तक बंद

मुरादाबाद में सर्दी का कहर

मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में कोहरे और सर्दी का प्रकोप जारी है। इस बार सर्दी ने पिछले 11 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ठंड के चलते जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को 14 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण कक्षा आठ तक के सभी बोर्डों के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि जिले के सभी सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा आदि बोर्ड के विद्यालयों में शिक्षण कार्य जारी है।


सर्दी का नया रिकॉर्ड

मुरादाबाद में इस बार सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 6 जनवरी 2026 को दिन का तापमान केवल 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम है। पिछले 11 वर्षों में 6 जनवरी को इतना कम तापमान कभी नहीं देखा गया। दिनभर धूप न निकलने और कोहरे के कारण ठंड का असर बढ़ गया। न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के आसपास है। बुधवार को भी कोहरा छाया रहा।


कोहरे का प्रभाव

सुबह साढ़े आठ बजे हवा में नमी 97 फीसदी दर्ज की गई, जबकि शाम को यह 76 फीसदी बनी रही। अधिक नमी के कारण कोहरा और गलन बनी रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिन के तापमान में गिरावट आई है। अगले सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, मुरादाबाद में घने कोहरे का सिलसिला जारी रहेगा।


फसलों पर ठंड का असर

पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि गेहूं, सरसों और जौ जैसी रबी की फसलों के लिए हल्की ठंड फायदेमंद होती है। इससे दानों का विकास बेहतर होता है। हालांकि, लगातार कोहरे और नमी के कारण पत्तों पर फंगल रोग का खतरा बढ़ गया है।