योगी आदित्यनाथ: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता
योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई बदलाव आए हैं, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने एक अनोखा इतिहास रचा है। वह राज्य के सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं। उनके 54वें जन्मदिन पर यह उपलब्धि फिर से चर्चा का विषय बनी है। गोरखपुर के गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में उनकी धार्मिक पहचान भी है। 1998 में पहली बार लोकसभा में पहुंचने के बाद, वह राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हुए और लगातार पांच बार गोरखपुर का प्रतिनिधित्व किया। मार्च 2017 में भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी।
मुख्यमंत्री बनने के बाद, योगी ने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सख्ती और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी। उनके शासनकाल में एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक परियोजनाओं ने महत्वपूर्ण पहचान बनाई। 2022 का विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जब उन्होंने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई। पिछले वर्ष, उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत के सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़कर नया इतिहास रचा।
योगी आदित्यनाथ को समर्थक सुशासन, निवेश और अपराध नियंत्रण का प्रतीक मानते हैं, जबकि विपक्ष उनकी नीतियों पर सवाल उठाता है। फिर भी, यह निर्विवाद है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक ऐसा रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिसे भविष्य में किसी भी नेता के लिए हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच, योगी आदित्यनाथ भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जा रहे हैं। गोरक्षपीठ से जुड़े गिरीश कुमार पांडेय का कहना है कि योगी ने राजनीति की परिभाषा को बदल दिया है।
योगी आदित्यनाथ ने हमेशा 'नंबर वन' बनने की कोशिश की है और इसके लिए उन्होंने पूरी मेहनत की है। वह सबसे कम उम्र के सांसद बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम रखते हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा में, उन्होंने कई मिथकों को तोड़ा है और अपने पूर्व नाम अजय के अनुरूप अजेय बने रहे हैं।
