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राकेश सिंह कोलकाता पोर्ट सीट से भाजपा के उम्मीदवार घोषित

भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। राकेश सिंह को हाल ही में जेल से रिहा किया गया था, जहां उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत दी गई थी। उनके समर्थकों ने जेल से बाहर आते ही उनका जोरदार स्वागत किया। इस बार चुनाव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। जानें इस चुनावी प्रक्रिया के बारे में और क्या कुछ खास है।
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राकेश सिंह कोलकाता पोर्ट सीट से भाजपा के उम्मीदवार घोषित

भाजपा ने राकेश सिंह को कोलकाता पोर्ट सीट से उम्मीदवार बनाया

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही, पार्टी ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 293 पर अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है।


इस बीच, राकेश सिंह मंगलवार को प्रेसिडेंसी जेल से रिहा हुए। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत दी गई थी, ताकि वे कोलकाता पोर्ट सीट से चुनाव में भाग ले सकें। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया, जो उनके प्रति स्थानीय समर्थन को दर्शाता है।


हालांकि, रिहाई के समय तक भाजपा ने औपचारिक रूप से उन्हें उम्मीदवार नहीं घोषित किया था, लेकिन पार्टी ने उच्च न्यायालय को पहले ही सूचित कर दिया था कि राकेश सिंह इस सीट से उनके उम्मीदवार होंगे। अब आधिकारिक घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है, और उम्मीद है कि राकेश सिंह उसी दिन अपना नामांकन पत्र जमा करेंगे।


न्यायमूर्ति कौसिक चंदा ने अपने जमानत आदेश में स्पष्ट किया कि यदि राकेश सिंह को पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन नहीं मिलता है, तो राज्य सरकार उनकी जमानत रद्द करने के लिए आवेदन कर सकती है। इस टिप्पणी से अदालत ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि जमानत का उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी तक सीमित रहे।


वहीं, राज्य सरकार ने राकेश सिंह की जमानत का विरोध करते हुए उनके आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला दिया। सरकार के अनुसार, चुनाव आयोग के पोर्टल पर सिंह को “अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले” और “उपद्रवी” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, राकेश सिंह ने उच्च न्यायालय में दलील दी कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उन्हें नियमित या अग्रिम जमानत मिल चुकी है।


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, जिसमें लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान शामिल हैं। इनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 है, जो पिछले चुनाव की तुलना में दोगुने से अधिक है, यह प्रशासन की सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाता है।


महिला सुरक्षा कर्मियों की भी रिकॉर्ड संख्या में तैनाती की गई है, जिसमें लगभग 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं।