राघव चड्ढा का BJP में शामिल होना: AAP को बड़ा झटका और पंजाब की राजनीति पर प्रभाव
राजनीतिक संकट में आम आदमी पार्टी
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को शुक्रवार को एक गंभीर राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी के प्रमुख नेता राघव चड्ढा सहित सात राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा की। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "भाजपा ने एक बार फिर पंजाबियों को धक्का दिया है।"
बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 24, 2026
राघव चड्ढा का AAP छोड़ने का कारण
राघव चड्ढा ने एक प्रेस बयान में कहा कि उन्होंने अपने जीवन के 15 साल आम आदमी पार्टी को समर्पित किए, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अब ईमानदार राजनीति से दूर हो गई है और समझौतावादी बन गई है।
चड्ढा ने यह भी बताया कि वह सही इंसान थे, लेकिन गलत पार्टी में थे, इसलिए उन्होंने जनता के करीब जाने का निर्णय लिया। उनके साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक और चार अन्य सांसदों ने भी भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।
BJP में संभावित मंत्री पद
सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा को भाजपा में शामिल होने के बाद केंद्र सरकार में मंत्री पद मिल सकता है, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा होता है, तो यह भाजपा की बड़ी राजनीतिक रणनीति के तहत देखा जाएगा।
AAP नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। सांसद संजय सिंह ने चड्ढा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें हर सम्मान दिया, लेकिन उन्होंने विश्वासघात किया। उन्होंने यह भी कहा कि चड्ढा सत्ता के लालच में भाजपा के साथ चले गए हैं। अन्य नेताओं ने इसे अवसरवादी कदम बताया है।
आंतरिक मतभेदों का संकेत
AAP के भीतर मतभेदों की खबरें पहले से ही सामने आ रही थीं। हाल ही में, अरविंद केजरीवाल ने चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। तब चड्ढा के करीबी लोगों ने कहा था कि उन्हें पार्टी में दबाने की कोशिश की जा रही है। अब उनके भाजपा में जाने से इन दावों को और बल मिला है।
पंजाब चुनाव पर प्रभाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में AAP दोबारा सत्ता में लौटने की योजना बना रही है।
राघव चड्ढा को पंजाब में पार्टी की पिछली जीत का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता था। उनके जाने से AAP को बड़ा नुकसान होने की संभावना है, और इसका प्रभाव पंजाब की राजनीति पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।
