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राजनीति में रिसॉर्ट का नया मोड़: कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

राजनीति में रिसॉर्ट का उपयोग एक बार फिर चर्चा में है, खासकर जब कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें बेंगलुरू और हिमाचल प्रदेश भेजा गया है। ओडिशा में चौथी सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे की चुनौती और हरियाणा में भाजपा के समर्थन से उम्मीदवार बनाने की रणनीति ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जानें कैसे ये घटनाक्रम कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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राजनीति में रिसॉर्ट का नया मोड़: कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

रिसॉर्ट राजनीति का इतिहास

गुजरात में विधायकों को छिपाने के लिए रिसॉर्ट राजनीति की शुरुआत हुई थी, जिसमें भाजपा के विधायक खजुराहो में छिपाए गए थे। लेकिन अब स्थिति में बदलाव आ चुका है। गुजरात के दो नेताओं के भाजपा की कमान संभालने के बाद, अब भाजपा के विधायकों को छिपाने की आवश्यकता नहीं रह गई है। इसके विपरीत, अन्य पार्टियों के विधायकों को भाजपा से बचाने की जरूरत पड़ रही है। इस संदर्भ में ऑपरेशन लोटस की चर्चा हर जगह हो रही है।


कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा

कांग्रेस के विधायकों को हर बार राज्यसभा चुनाव के दौरान रिसॉर्ट में ले जाने की आवश्यकता होती है। हाल ही में, बिहार के कांग्रेस विधायकों को दक्षिण भारत की यात्रा पर भेजा गया था। इस बार ओडिशा और हरियाणा के विधायकों को राज्य से बाहर भेजा गया है, और यह तय किया गया है कि उन्हें सोमवार, 16 मार्च को चुनाव के समय वापस लाया जाएगा।


ओडिशा में कांग्रेस की स्थिति

ओडिशा में कांग्रेस के 14 विधायक हैं, जिन्हें बेंगलुरू भेजा गया है। यहां चौथी सीट के लिए निर्दलीय दिलीप रे ने नामांकन किया है, जो पूर्व कोयला मंत्री और बड़े कारोबारी हैं। बीजद के डॉक्टर दत्तेश्वर भी चुनाव में हैं, और कांग्रेस ने उन्हें समर्थन देने का वादा किया है। राज्य में एक सीट जीतने के लिए 30 वोट की आवश्यकता है।


हरियाणा में चुनावी रणनीति

हरियाणा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, लेकिन जैसे ही राहुल गांधी ने करमबीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाया, स्थिति बिगड़ गई। भाजपा ने सतीश नंदल को समर्थन देकर उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के 14 विधायकों के वोट अवैध करने के कारण पहले भी हार का सामना करना पड़ा है। इस बार विधायकों को हिमाचल प्रदेश के कुफरी भेजा गया है ताकि कोई गड़बड़ी न हो। भूपेंद्र सिंह हुड्डा स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।