राजस्थान रॉयल्स की फ्रेंचाइजी में बड़ा बदलाव, मित्तल परिवार ने खरीदी हिस्सेदारी
राजस्थान रॉयल्स की नई मालिकाना संरचना
नई दिल्ली। आईपीएल के सबसे चर्चित क्रिकेट टूर्नामेंट के बीच एक महत्वपूर्ण खबर आई है कि राजस्थान रॉयल्स की फ्रेंचाइजी के मालिकों में बदलाव हुआ है। विश्व के सबसे बड़े स्टील उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल ने सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला के साथ मिलकर इस फ्रेंचाइजी को खरीदने का निर्णय लिया है।
इस सौदे की अनुमानित लागत लगभग 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 15,660 करोड़ रुपये है। यह आईपीएल के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी डील मानी जा रही है। सौदे के पूरा होने के बाद मित्तल परिवार के पास राजस्थान रॉयल्स की लगभग 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला के पास लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। शेष 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मनोज बडाले और अन्य मौजूदा निवेशकों के पास होगी।
इससे पहले, भारतीय मूल के अमेरिकी व्यवसायी काल सोमानी और उनके समूह ने राजस्थान रॉयल्स को खरीदने के लिए 1.63 अरब डॉलर, यानी लगभग 15,289 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, लेकिन यह सौदा सफल नहीं हो सका। अब, राजस्थान रॉयल्स केवल आईपीएल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक क्रिकेट ब्रांड बन चुका है। इस सौदे में आईपीएल टीम के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका की 'पार्ल रॉयल्स' और कैरेबियन लीग की 'बारबाडोस रॉयल्स' का भी मालिकाना हक शामिल है। बताया गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और अन्य संबंधित संस्थाओं की मंजूरी के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद यह सौदा सितंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
