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राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की चुनौती: उम्मीदवारों की दौड़

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारी जोरों पर है। नामांकन प्रक्रिया चल रही है और पार्टी को सीमित सीटें मिलेंगी। जानें कौन हैं संभावित उम्मीदवार और किस प्रकार कांग्रेस को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस चुनाव में कांग्रेस के पास 70 दावेदार हैं, जिनमें से कुछ को गंभीरता से लिया जा रहा है। क्या कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत कर पाएगी? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की चुनौती: उम्मीदवारों की दौड़

राज्यसभा चुनाव की तैयारी


राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है, जो आठ जून तक चलेगी। विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अगले एक या दो दिनों में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उम्मीदवार तय करने में कोई कठिनाई नहीं होती, जबकि कांग्रेस को हर बार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस बार कांग्रेस को सीमित सीटें मिलेंगी, जिसमें से पांच सीटें उसे अपने दम पर मिलेंगी और एक सीट टीवीके की मदद से प्राप्त होगी। यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा एक सीट छोड़ता है, तो कांग्रेस को और भी लाभ हो सकता है। हालांकि, चुनाव जीतने के लिए उसे जेएमएम की सहायता की आवश्यकता होगी।


कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार

कांग्रेस को 24 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव और दो सीटों के उपचुनाव में कुल सात उम्मीदवारों को उतारना है। इसके लिए पार्टी के पास 70 दावेदार हैं, जिनमें से कम से कम 15 को गंभीरता से लिया जा रहा है। इनमें से एक सीट पहले से तय है, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे फिर से राज्यसभा जाएंगे। यदि तमिलनाडु में उपचुनाव वाली सीट पर प्रवीण चक्रवर्ती का नाम तय होता है, तो कांग्रेस के पास कुल पांच सीटें बचेंगी। इन पांच सीटों के लिए दावेदारों में राजस्थान से अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश से कमलनाथ और जीतू पटवारी, कर्नाटक से सिद्धारमैया और वाईएस शर्मिला, और झारखंड से धीरज साहू, राजेश ठाकुर और केशव महतो कमलेश शामिल हैं। इसके अलावा, झारखंड के प्रभारी के राजू, उत्तर प्रदेश के प्रभारी अविनाश पांडे, मीडिया विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा, और डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश जैसे कई अन्य दावेदार भी हैं।