राज्यसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस के विधायकों की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
राजद विधायक की अनुपस्थिति
राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुस्लिम विधायक फैसल रहमान ने मतदान में भाग नहीं लिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां की तबियत खराब थी, जिसके चलते वे दिल्ली में थे। हालांकि, राजद के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह के चुनाव प्रबंधन में शामिल फैसल अली ने कहा कि फैसल रहमान 15 मार्च की रात तक पटना में थे, लेकिन 16 मार्च की सुबह वोट डालने नहीं गए। यह भी कहा जा रहा है कि किसी पुराने हत्या मामले के कारण उनकी नस दब गई थी।
कांग्रेस के विधायकों की स्थिति
इसी प्रकार, कांग्रेस के तीन विधायकों ने भी मतदान में भाग नहीं लिया। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के पास कुल छह विधायक हैं, जिनमें से सुरेंद्र कुशवाहा, मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद सिंह ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। कांग्रेस ओडिशा और हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ी करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन बिहार में न तो कांग्रेस और न ही राजद कोई कार्रवाई कर रही है।
राजद की स्थिति और संभावित परिणाम
इसका कारण स्पष्ट है। बिहार में राजद के 25 विधायक हैं, जिनकी वजह से पार्टी को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिला है और तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। यदि राजद कार्रवाई करता है और फैसल रहमान को पार्टी से बाहर करता है, तो विधायकों की संख्या घटकर 24 हो जाएगी। बिहार विधानसभा में 243 सदस्य हैं, और मुख्य विपक्षी दल बनने के लिए 24 से अधिक विधायकों की आवश्यकता है। यदि फैसल रहमान को निकाला गया, तो तेजस्वी का नेता प्रतिपक्ष का दर्जा समाप्त हो जाएगा। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के आने के साथ, जो राजनीति में लोकलाज और परंपरा का ध्यान नहीं रखती, कांग्रेस को भी चिंता है कि यदि छह में से तीन विधायकों को निकाला गया, तो क्या बचेगा। इसके बाद बचे हुए तीन विधायकों को संभालना भी मुश्किल होगा। इसीलिए दोनों पार्टियां मौन हैं।
