राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसदों का भाजपा में विलय, संजय सिंह की शिकायत
संजय सिंह की शिकायत और भाजपा में सांसदों का विलय
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने राज्यसभा में उप राष्ट्रपति और उप सभापति सीपी राधाकृष्णन के पास अपनी पार्टी के सात सांसदों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इन सांसदों के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, सोमवार को सभापति ने इन सभी सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अनुमति दे दी।
इस निर्णय के परिणामस्वरूप, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है, जबकि भाजपा के सांसदों की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है। भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं।
राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सांसदों को भाजपा के सदस्यों के रूप में दर्शाया गया है। इससे पहले, रविवार को संजय सिंह ने सभापति से इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। उन्होंने एक पत्र लिखकर उन्हें दलबदल कानून का उल्लंघन करने का दोषी ठहराते हुए अयोग्य घोषित करने की अपील की। संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने जाने-माने वकील कपिल सिब्बल और पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी अचारी सहित कई संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद यह पत्र लिखा। सिब्बल का कहना है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार, किसी भी पार्टी को दूसरी पार्टी में विलय करने के लिए पहले प्रस्ताव पास करना होगा। कोई सांसद बिना इस प्रक्रिया के दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकता।
