राज्यसभा में जया बच्चन का गुस्सा: भाषण के दौरान टोकने पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
जया बच्चन का भाषण और विवाद
नई दिल्ली: बुधवार को राज्यसभा में समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन के भाषण के दौरान एक अप्रत्याशित नोकझोंक हुई। जब कुछ सदस्यों ने उनके संबोधन में हस्तक्षेप किया, तो जया बच्चन का गुस्सा खुलकर सामने आया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें जया बच्चन ने कड़े शब्दों में अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने न केवल व्यवधान पर आपत्ति जताई, बल्कि अपने बोलने के समय को लेकर भी सवाल उठाए।
भाषण के दौरान टोकने पर नाराजगी
जब जया बच्चन राज्यसभा में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संशोधन विधेयक पर बोल रही थीं, तभी उन्हें बीच में टोका गया। इस पर उन्होंने तीखे स्वर में कहा, "बच्चे बैठ जाओ."
स्पीकर से भिड़ गई जया बच्चन 🔥
— Priya singh (@priyarajputlive) March 25, 2026
स्पीकर- आप का समय खत्म हो रहा
जया बच्चन - कोई बात नहीं सर, आप लोगों के हाथ में सबका समय है जितना मर्जी दीजिए, नहीं तो फांसी चढ़ा दीजिए।
स्पीकर- आप समय का दुरुपयोग कर रही हैं
जया बच्चन - आप हमें बस टोकिए , उनको मत टोकिए 😂
स्पीकर- उनको टोका… pic.twitter.com/D444uOoh42
उनका यह बयान सदन में चर्चा का विषय बन गया।
अध्यक्ष से सवाल
वायरल वीडियो में जया बच्चन सभापति डॉ. दिनेश शर्मा से भी सवाल करती नजर आईं। उन्होंने कहा, "आप मेरा समय कैसे कम कर सकते हैं? मैं कुएं में जाऊंगी."
यह टिप्पणी सदन में उनके असंतोष को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
राम नवमी की शुभकामनाएं और विवाद
अपने संबोधन की शुरुआत में जया बच्चन ने राम नवमी की शुभकामनाएं दीं। लेकिन जैसे ही उन्होंने आगे बोलना शुरू किया, कुछ सदस्यों की टिप्पणियों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
व्यवधान पर आपत्ति
जया बच्चन ने सदन में कहा, "अगर कोई बोलना शुरू कर दे तो सबका ध्यान उसकी तरफ चला जाएगा. अगर मैं बोल रहा हूं तो आपका ध्यान मेरी तरफ होगा," इस पर उन्होंने अध्यक्ष से व्यवधान पर आपत्ति जताई।
अध्यक्ष ने उन्हें विषय पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी और कहा कि उनका समय बर्बाद हो रहा है। जया बच्चन ने जवाब दिया कि उनका समय अध्यक्ष के नियंत्रण में है, लेकिन बीच में हस्तक्षेप होने से वह प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा, "आप मेरा समय नहीं ले सकते," और "कुएं" में जाने की बात दोहराई।
विपक्ष का विरोध
राज्यसभा में विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (संशोधन) विधेयक का विरोध किया और इसे वापस लेने या चयन समिति को भेजने की मांग की।
जया बच्चन ने इस विधेयक को जल्दबाजी में लाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे और गहराई से जांचने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "इसकी उतनी गहराई और सावधानी से जांच क्यों नहीं की जा सकती जितनी यह हकदार है?"
इतिहास का उदाहरण
जया बच्चन ने अपने संबोधन में कहा कि पुराने समय में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को राजघरानों में सुरक्षा के लिए रखा जाता था।
उन्होंने कहा, "उन्हें सुरक्षित माना जाता था, लेकिन आज अचानक सरकार उनकी उपस्थिति से बहुत असुरक्षित महसूस कर रही है."
साथ ही उन्होंने विधेयक को वापस लेकर मानसून सत्र में दोबारा पेश करने का सुझाव दिया।
