राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस, बिहार की राजनीति में हलचल
बिहार में राजनीतिक भूचाल
पटना: बिहार के राजनीतिक क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पटना से लेकर दिल्ली तक हलचल मचा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना के सुरक्षित क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध '10 सर्कुलर रोड' का सरकारी आवास तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के मिलते ही राबड़ी देवी का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने नीतीश सरकार को खुली चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वह इस बंगले को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगी और यदि सरकार में हिम्मत है तो उन्हें जबरन बाहर निकालने के लिए बल का प्रयोग करे।
सरकार का नया कदम
बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी इस नोटिस के अनुसार, यह वीआईपी बंगला अब नए पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। इस प्रशासनिक कदम के बाद राज्य की राजनीति में फिर से जुबानी जंग तेज हो गई है। आरजेडी इसे प्रतिशोध की राजनीति मान रही है, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे नियमों के अनुसार कार्रवाई बता रहा है।
दो दशकों का अंत
इस बेदखली नोटिस के साथ ही पटना में उस आवास का अंत होने जा रहा है, जिसने पिछले 20 वर्षों में बिहार के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र के रूप में कार्य किया है। '10 सर्कुलर रोड' हमेशा से लालू प्रसाद यादव के परिवार का आधिकारिक पता रहा है, जहां से आरजेडी ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लिए हैं।
राजनीतिक तनाव
यह पहली बार नहीं है जब इस बंगले को लेकर विवाद हुआ है। पिछले साल नवंबर में भी नीतीश सरकार ने राबड़ी देवी को इसी आवास को खाली करने का नोटिस दिया था, लेकिन उस समय राजनीतिक समीकरणों के कारण मामला ठंडा पड़ गया था। अब 2026 में जारी इस सख्त नोटिस के बाद यह मामला एक बड़े राजनीतिक संघर्ष में बदल चुका है।
आरजेडी में आक्रोश
सरकारी आदेश के बाद आरजेडी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी के नेता आरोप लगा रहे हैं कि सरकार जानबूझकर लालू परिवार को परेशान कर रही है। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास के लिए नए नियमों के तहत की जा रही है। अब यह देखना होगा कि राबड़ी देवी के इस आक्रामक रुख के बाद नीतीश सरकार क्या कदम उठाती है।
