राहुल गांधी का एपस्टीन जिक्र, लोकसभा में हंगामा
लोकसभा में विवादास्पद भाषण
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने भाषण में एक बार फिर एपस्टीन का नाम लिया, जिससे सदन में विवाद उत्पन्न हो गया। स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोका और कहा कि उन्हें उसी विषय पर बोलना चाहिए जिस पर उन्होंने नोटिस दिया है। राहुल ने देशभर में रसोई गैस सिलेंडर की समस्या का मुद्दा उठाते हुए एपस्टीन का उल्लेख किया। उन्होंने तेल मंत्री हरदीप पुरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे खुद कह चुके हैं कि एपस्टीन उनके मित्र हैं।
एलपीजी संकट पर चिंता
राहुल गांधी ने एलपीजी संकट के बारे में बात करते हुए कहा, 'यह तो बस शुरुआत है। रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ रही है और सड़क किनारे के विक्रेता प्रभावित हो रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा, 'किसी भी देश की नींव उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है।'
सदन में हंगामा
राहुल ने आगे कहा, 'मैं यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि यह क्या पहेली है और यह किसी समझौते से जुड़ी लगती है। तेल मंत्री ने खुद कहा है कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं।' इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर बिरला ने राहुल को टोका, 'जिस विषय पर नोटिस दिया है उस पर बोलिए। अगर इस पर बोलना है तो नोटिस दीजिए।' इसके बाद विपक्ष के सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
प्रधानमंत्री की स्थिति पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा, 'प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन वे खुद घबराए हुए लगते हैं, बिल्कुल अलग कारणों से। वे एपस्टीन-अडानी मामले के कारण चिंतित हैं। आपने देखा कि सदन में प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली थी। वे देश से कह रहे हैं कि घबराएं नहीं, जबकि वे खुद परेशान दिख रहे हैं।'
विपक्ष का विरोध
जब पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी बोलने के लिए खड़े हुए, तो विपक्ष ने 'एपस्टीन, एपस्टीन' के नारे लगाए। गुरुवार की सुबह भी लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने देश में सिलेंडर संकट के मुद्दे पर हंगामा किया। सांसदों ने संसद के बाहर 'नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब' के नारे लगाए।
