राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार परियोजना पर मोदी सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष का अंडमान दौरा
नेता प्रतिपक्ष ने अप्रैल के अंत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का दौरा किया
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल का कहना है कि सरकार की यह दलील कि यह परियोजना रक्षा और मालवाहक बंदरगाह से संबंधित है, पूरी तरह से गलत है।
पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों का मुद्दा
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह परियोजना वास्तव में एक व्यवसायी को भारत के महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय क्षेत्र में होटल और कैसीनो बनाने में मदद करने का प्रयास है। पिछले डेढ़ महीने से, वह ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के सबसे मुखर आलोचकों में से एक बने हुए हैं। उन्होंने इसे पर्यावरण, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया है।
स्थानीय लोगों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा
राहुल ने कहा, "मैंने भारत के सबसे दक्षिणी सिरे का दौरा किया। मैंने इंदिरा प्वाइंट पर जाकर वहां के लोगों से मुलाकात की।" उन्होंने बताया कि आदिवासी समुदायों की भूमि वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करके छीन ली जा रही है और उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
नौसेना की मांग और परियोजना का सच
नौसेना का विस्तार और सरकार की अनदेखी
राहुल गांधी ने कहा कि यदि आईएनएस बाज का विस्तार किया जाएगा, तो कांग्रेस सरकार का समर्थन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नौसेना पिछले पांच साल से विस्तार की मांग कर रही है, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया है।
परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव
राहुल ने आरोप लगाया कि डेढ़ करोड़ पेड़ काट दिए गए हैं और आधिकारिक मानचित्रों से मूंगा चट्टानें मिटा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सब एक व्यवसायी के लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
सतत विकास का समर्थन
राहुल गांधी ने कहा कि वह पारिस्थितिकीय रूप से संतुलित विकास के पक्ष में हैं और यह द्वीप दुनिया के सबसे असाधारण टिकाऊ गंतव्यों में से एक बन सकते हैं।
