राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संकट पर मोदी सरकार को घेरा
पश्चिम एशिया संकट पर राहुल गांधी का बयान
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्रीय संघर्ष का भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। राहुल ने चेतावनी दी कि यह संकट एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा कर रहा है, जिससे देश को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लग सकता है। उन्होंने हाल की स्टॉक मार्केट में गिरावट का उदाहरण देते हुए कहा कि बाजार पहले ही इस संकट के प्रभाव को महसूस कर चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम एशिया का मुद्दा इतना तुच्छ है कि इस पर चर्चा नहीं की जा सकती? उन्होंने जोर देकर कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों को संसद में प्राथमिकता से उठाया जाना चाहिए।
'नरेंद्र मोदी ब्लैकमेल हो चुके हैं, Compromised हैं, इसलिए संसद से भाग गए हैं। अब वो सदन के अंदर नहीं आ पाएंगे'
पश्चिम एशिया में Paradigm shift करने की लड़ाई चल रही है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान होने वाला है।
पश्चिम एशिया एक जरूरी मुद्दा है, क्योंकि उसका असर… pic.twitter.com/y4BANUrVGr
— कांग्रेस (@INCIndia) मार्च 9, 2026
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि हाल ही में अमेरिका के साथ हुए समझौते ने भारत को कमजोर स्थिति में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि यह डील प्रधानमंत्री की मजबूरी या ब्लैकमेल का परिणाम है, जिससे भारत के हितों का समझौता हुआ है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है क्योंकि बहस शुरू होने पर पीएम की कमजोर स्थिति और समझौते के पीछे की वजहें उजागर हो जाएंगी। उन्होंने इसे सार्वजनिक महत्व का मामला बताते हुए कहा कि पहले इस पर चर्चा होनी चाहिए, उसके बाद अन्य मुद्दों पर बात की जा सकती है। विपक्ष का कहना है कि सरकार जानबूझकर इन संवेदनशील मुद्दों से दूर भाग रही है।
India needs leadership, not silence pic.twitter.com/qQ2qVEkUEd
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पीएम मोदी पर संसद से भागने का आरोप
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी अब संसद में नहीं आ पाएंगे। इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि उस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना भारत सरकार की प्राथमिकता है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। अधिकारियों के अनुसार, युद्ध में अब तक ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 397 और इज़राइल में 11 लोग मारे गए हैं।
Modi Ji, Desh Ki Awaaz Suno
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विदेश मंत्री ने संसद में क्या कहा?
जयशंकर ने संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया संघर्ष पर अपने वक्तव्य में कहा कि भारत सरकार सभी पश्चिम एशियाई देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करती है। उन्होंने एक ईरानी जहाज को भारतीय बंदरगाह पर खड़ा करने की अनुमति देने को मानवीय आधार पर सही निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस क्षेत्र के हालात पर नजर रख रही है और संघर्ष क्षेत्र में फंसे 67,000 भारतीय नागरिकों को पहले ही वापस लाया जा चुका है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे राष्ट्रीय हित सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। भारत शांति के पक्ष में है और बातचीत व कूटनीति का मार्ग अपनाने का आग्रह करता है। हम तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पैरोकारी करते हैं।
Gulf Burning, Oil Shock, Indians Stranded.
But the Modi Government Remains Silent.कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge, LoP श्री @RahulGandhi, अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संसद में पश्चिम एशिया संघर्ष मुद्दे पर प्रदर्शन किया।
संसद भवन,… pic.twitter.com/YViGFOzZz9
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संसद भवन,…