राहुल गांधी ने संसद में मोदी पर किया तीखा हमला, वैश्विक संकट पर चर्चा की मांग
संसद में हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप
नई दिल्ली: सोमवार को संसद के बजट सत्र में जबर्दस्त हंगामा देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर पश्चिम एशिया के गंभीर हालात पर चर्चा से बच रही है। राहुल के अनुसार, इस वैश्विक संकट का सीधा असर आम भारतीयों की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसी कारण सदन की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा।
सरकार पर गंभीर आरोप
संसद के बाहर राहुल गांधी ने कहा कि सरकार सदन में चर्चा नहीं चाहती। उनका आरोप है कि यदि चर्चा होती है, तो प्रधानमंत्री के 'ब्लैकमेल' और 'समझौतावादी' होने की बातें उजागर हो जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तापक्ष अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर जवाब देने से कतराता है। राहुल ने प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी 'संसद से भाग' चुके हैं। विपक्ष का मानना है कि प्रधानमंत्री सीधे सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं रखते।
आर्थिक संकट की चेतावनी
आर्थिक तबाही का डर
विपक्षी नेता ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया संकट से भारतीय अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है। उन्होंने शेयर बाजार में गिरावट को खतरे की घंटी बताया। राहुल का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई 'यूएस डील' देश के लिए हानिकारक साबित होगी। ईंधन की बढ़ती कीमतें भी जनता के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।
जनता के मुद्दों पर जोर
जनता के मुद्दे सर्वोपरि
अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल ने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय संकट पर चर्चा होनी चाहिए। उनके लिए भारतीयों की सुरक्षा और महंगाई अधिक महत्वपूर्ण हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर बाद में बात की जा सकती है, लेकिन जनता के आर्थिक हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
संसद में गतिरोध जारी
संसद में जारी गतिरोध
विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप रही। सरकार ने विपक्ष पर सदन को 'बंधक' बनाने का आरोप लगाया। भारी शोर-शराबे के बीच सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। अब यह देखना होगा कि क्या सरकार वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होती है।
