रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा: ब्रिक्स सम्मेलन में भागीदारी
ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक बार फिर भारत का दौरा करेंगे, खासकर वैश्विक संघर्षों के बढ़ते माहौल में। पिछले दौरे के दौरान, पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात की थी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पुष्टि की है कि पुतिन इस वर्ष भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के नेताओं की वार्षिक बैठक है।
तारीखों की घोषणा जल्द
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी बाकी है। हालांकि, पहले 'तास' ने भारत सरकार के एक सूत्र के हवाले से बताया था कि यह सम्मेलन 12 से 13 सितंबर के बीच आयोजित किया जा सकता है।
भारत-रूस के बीच मजबूत संबंध
भारत और रूस के बीच दशकों से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। रूस भारत की ऊर्जा और कच्चे तेल की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अमेरिका के टैरिफ से पहले, भारत ने रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल आयात किया था। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ के बाद भारत को रूस से तेल आयात में रुकावट का सामना करना पड़ा।
पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण जब भारत में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई, तब रूस ने भारत को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने भारत को रूस से तेल आयात के लिए एक महीने की छूट दी, जिसके बाद भारत ने फिर से रूस से कच्चा तेल और गैस का आयात शुरू किया।
