ललित मोदी का चौंकाने वाला खुलासा: अंडरवर्ल्ड से मिली जान से मारने की धमकियां
ललित मोदी का सनसनीखेज दावा
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक ललित मोदी ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट और अंडरवर्ल्ड में हलचल मचा दी है। उनके अनुसार, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसकी 'डी-कंपनी' से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, जिसके कारण उन्होंने क्रिकेट प्रशासन से दूरी बना ली। एक इंटरव्यू में, मोदी ने आईपीएल के पीछे की खतरनाक कहानियों का खुलासा किया, जिसमें वसूली की कोशिशें और एक खौफनाक रात का जिक्र है, जब उनका सामना सीधे दाऊद इब्राहिम से हुआ।
सट्टेबाजी का दबाव और धमकियां
ललित मोदी, जो 2010 में भारत छोड़कर लंदन में बस गए थे, ने बताया कि आईपीएल की शुरुआत के साथ ही अंडरवर्ल्ड ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उन्होंने डी-कंपनी के अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को आईपीएल में शामिल करने से मना कर दिया, जिससे वह उनके निशाने पर आ गए। मोदी ने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं और एक रात सैटेलाइट फोन के जरिए दाऊद इब्राहिम से बात कराई गई, जिससे उन्हें डराने का प्रयास किया गया।
खौफ और सुरक्षा के साये में जीवन
मोदी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक साधारण धमकी नहीं थी, बल्कि उनके और उनके परिवार के लिए एक स्थायी खतरा था। हालांकि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को एक बड़ा ब्रांड बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन अंडरवर्ल्ड के दबाव ने उन्हें अंदर तक हिला दिया। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आईपीएल के पीछे की दुनिया कितनी खतरनाक है।
लंदन में सीधा सामना
ललित मोदी ने बताया कि 2012 में लंदन में उनका सबसे बड़ा टकराव हुआ। एक दलाल ने उन्हें सुबह 3:30 बजे फोन किया और एक प्रभावशाली मध्यस्थ के पेंटहाउस में जाने का दबाव डाला। वहां पहुंचने पर, मध्यस्थ ने दाऊद इब्राहिम को फोन किया और मोदी से बात करवाई। मोदी ने कहा कि वह डर के मारे कांप रहे थे। उस समय ब्रिटिश एमआई5 की सुरक्षा भी वहां मौजूद थी।
क्रिकेट से संन्यास का निर्णय
जब मोदी से पूछा गया कि उन्हें अंडरवर्ल्ड की हिट लिस्ट से कैसे हटाया गया, तो उन्होंने कहा कि क्रिकेट से उनका बाहर निकलना ही अंतिम समाधान था। उन्होंने बताया कि सिंडिकेट ने एक लाइव बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि उनके मुद्दे सुलझ गए हैं। मोदी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इसे सुलझाया नहीं, बल्कि उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय लिया।
