Newzfatafatlogo

विजय की पार्टी के चुनावी हलफनामे में 100 करोड़ रुपये का विवाद

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कजगम' को चुनावी हलफनामे में 100 करोड़ रुपये का बड़ा विवाद झेलना पड़ रहा है। मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इनकम टैक्स विभाग को नोटिस जारी किया है। विजय का मुकाबला सत्ताधारी पार्टी के नेताओं से है, और उनकी चुनावी रणनीति अल्पसंख्यक वोटों को आकर्षित करने पर केंद्रित है। इस चुनाव में विजय की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
 | 
विजय की पार्टी के चुनावी हलफनामे में 100 करोड़ रुपये का विवाद

तमिलनाडु चुनाव में विजय की मुश्किलें

नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कर रहे प्रसिद्ध अभिनेता विजय को प्रारंभिक चरण में ही गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी नई पार्टी 'तमिलगा वेट्री कजगम' (TVK) के चुनावी हलफनामे में 100 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी का पता लगाया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सीधे इनकम टैक्स विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विजय की पार्टी के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी झटका माना जा रहा है।


हलफनामे में 105 करोड़ रुपये का अंतर

विजय ने तमिलनाडु चुनाव के लिए त्रिची और पेरम्बूर से दो अलग-अलग विधानसभा सीटों पर नामांकन पत्र दाखिल किया था। विवाद तब उत्पन्न हुआ जब पेरम्बूर के एक स्थानीय मतदाता ने अदालत में शिकायत की कि विजय द्वारा दोनों सीटों पर प्रस्तुत हलफनामों में उनकी आय के आंकड़े मेल नहीं खा रहे हैं। जांच में यह पाया गया कि त्रिची सीट के लिए विजय ने अपनी आय 220 करोड़ रुपये बताई थी, जबकि पेरम्बूर सीट के हलफनामे में यह आंकड़ा केवल 115 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, दोनों आंकड़ों के बीच 105 करोड़ रुपये का बड़ा अंतर सामने आया है, जिस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।


त्रिकोणीय मुकाबला

इस बार का तमिलनाडु चुनाव विजय की एंट्री के कारण काफी दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है। तिरुचिरापल्ली (त्रिची) पूर्व सीट पर विजय का मुकाबला सत्ताधारी पार्टी डीएमके के नेता इनीगो एस. इरुदयाराज से है। वहीं, पेरम्बूर सीट पर वे डीएमके विधायक आर.डी. शेखर को चुनौती दे रहे हैं। त्रिची पूर्व विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक आबादी, विशेषकर ईसाई समुदाय का काफी प्रभाव है। हालांकि इस क्षेत्र को पारंपरिक रूप से डीएमके का गढ़ माना जाता है, लेकिन विजय की एंट्री से इरुदयाराज को कड़ी टक्कर मिल रही है।


विजय की चुनावी रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की एंट्री से अल्पसंख्यक वोटों का ध्रुवीकरण होगा और वोटों का बंटवारा होना तय है। इस त्रिकोणीय चुनाव में अल्पसंख्यक वोटों के साथ-साथ दलित और बहुसंख्यक हिंदू वोट बैंक भी चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विजय का चुनावी अभियान मुख्य रूप से रामनाथपुरम सहित तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों पर केंद्रित रहा है, जो मछुआरा समुदाय और अल्पसंख्यकों के वोटों को अपने पक्ष में लाने की उनकी रणनीति को दर्शाता है।