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वित्त मंत्री सीतारमण की बैंकों को सख्त चेतावनी: मिस-सेलिंग बर्दाश्त नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उन्हें अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और ग्राहकों को जबरन बीमा उत्पादों की बिक्री से बचना चाहिए। उन्होंने मिस-सेलिंग को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका के आयात शुल्क में बदलाव और भारत के वैश्विक व्यापार समझौतों पर भी अपने विचार साझा किए। जानें और क्या कहा सीतारमण ने और सोने की कीमतों पर उनकी राय क्या है।
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वित्त मंत्री सीतारमण की बैंकों को सख्त चेतावनी: मिस-सेलिंग बर्दाश्त नहीं

बैंकों को ध्यान केंद्रित करने की सलाह

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बैंकों को स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि ग्राहकों को अनावश्यक बीमा उत्पादों की बिक्री में समय बर्बाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिस-सेलिंग एक गंभीर अपराध है और इसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।


आरबीआई के साथ बैठक में उठाए मुद्दे

बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि वह लगातार इस मुद्दे को उठाती रही हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि कोई ग्राहक घर के लिए लोन लेने आता है और उसके पास पर्याप्त गारंटी है, तो उसे अतिरिक्त बीमा पॉलिसी लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।


बैंकों को मुनाफे के लिए मुख्य कार्यों पर ध्यान देने की सलाह

सीतारमण ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आरबीआई ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिस-सेलिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैंकों को लोन देने और जमा जुटाने जैसे मुख्य कार्यों से मुनाफा कमाना चाहिए। उन्होंने चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) जमा बढ़ाने पर जोर दिया।


अमेरिका के आयात शुल्क में बदलाव पर प्रतिक्रिया

वित्त मंत्री ने अमेरिका द्वारा हाल में घोषित टैरिफ में बदलावों पर कहा कि इसके प्रभाव पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी। वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है और व्यापार वार्ताओं पर निर्णय प्रतिनिधिमंडल द्वारा लिया जाएगा।


भारत के वैश्विक व्यापार समझौतों की प्रतिबद्धता

सीतारमण ने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार समझौतों के प्रति प्रतिबद्ध है और ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ पहले ही समझौते कर चुका है। भारत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वैश्विक बाजारों से जुड़ना चाहता है।


सोने की कीमतों पर टिप्पणी

वित्त मंत्री ने सोने की बढ़ती कीमतों पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल में सोने की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने और चांदी की खरीद में वृद्धि है। भारतीय परिवारों के लिए सोना हमेशा एक पसंदीदा निवेश रहा है, विशेषकर त्योहारी सीजन में इसकी मांग बढ़ जाती है।


सरकार की निगरानी

सीतारमण ने आश्वासन दिया कि सरकार और आरबीआई स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हालांकि उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोने की कीमतों में वृद्धि चिंताजनक स्तर तक नहीं पहुंची है।