व्यापारियों का कैंडल मार्च: अभिषेक मद्धेशिया की मौत पर न्याय की मांग
अभिषेक मद्धेशिया की मौत पर वैश्य समाज का आक्रोश
गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण अभिषेक मद्धेशिया की मृत्यु के बाद वैश्य समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है। इस आक्रोश को व्यक्त करने के लिए शनिवार शाम को भारत-नेपाल सोनौली सीमा पर व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान दिवंगत अभिषेक को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
कैंडल मार्च भारत की ओर से शुरू होकर श्री राम जानकी मंदिर चौराहे तक पहुंचा, जहां एक शोक सभा का आयोजन किया गया। सभा में उपस्थित सैकड़ों लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
सभा में बोलते हुए अखिल भारतीय वैश्य अधिवेशन के जिला अध्यक्ष सुधाकर जायसवाल, साहू समाज सोनौली के अध्यक्ष सोनू साहू, विकास मिश्रा, रवि वर्मा, और अन्य वक्ताओं ने कहा कि अभिषेक की मौत अत्यंत दुखद है। यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कदम उठाने की अपील की।
गौरतलब है कि 1 अप्रैल को गोरखपुर के आनंद लोक हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान अभिषेक मद्धेशिया की मृत्यु हो गई थी। उनके परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
आक्रोशित व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए, जिनमें घटना को लेकर गहरा रोष स्पष्ट था।

