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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों पर जताई चिंता, कहा- रोने की जरूरत नहीं

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में आरोपों पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि रोने की कोई आवश्यकता नहीं है जब गुरु गलत साबित हो जाए। एक महिला उनके सामने भावुक हो गई, जिसके बाद शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि सरकारें ऐसे शंकराचार्य चाहती हैं जो जी-हुजूरी करें। उन्होंने गौ माता की रक्षा के लिए आंदोलन की बात भी की। जानें इस मामले में और क्या कहा शंकराचार्य ने।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों पर जताई चिंता, कहा- रोने की जरूरत नहीं

महिला की भावुकता पर शंकराचार्य का बयान

वाराणसी। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों के चलते एक महिला भावुक हो गई और वह उनके सामने रोने लगी। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि रोने का कारण तब होता है जब आपका गुरु गलत साबित हो जाए। किसी षड्यंत्र पर रोने की कोई आवश्यकता नहीं है।


सरकारों की अपेक्षाएं और शंकराचार्य का दृष्टिकोण

‘सरकारों को ऐसे शंकराचार्य चाहिए, जो जी-हुजूरी करें’

महिला ने इशारे में कहा कि आपके साथ भगवती हैं। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि सरकारें ऐसे शंकराचार्य चाहती हैं जो जी-हुजूरी करें और जो सरकार कहे वही बोलें। लेकिन हम ऐसा नहीं कर सकते। महिला आज सुबह शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने आई थी।


श्रद्धालुओं की भावनाएं और शंकराचार्य का समर्थन

श्रद्धालु नीलम दुबे ने बताया कि वे काशी से हैं और उनके परिवार का संबंध शंकराचार्य से पीढ़ियों से है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने कभी भी मठ या महाराज के बारे में नकारात्मक बातें नहीं सुनीं। यह आरोप निराधार हैं और हमारे मठ में ऐसा कुछ नहीं हो सकता। हम अपने मठ को अपने घर की तरह मानते हैं। महाराज जी सच्चे हैं और धर्म की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।


धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य का संकल्प

सरकार चाहती है कि हम ही धर्मचारी और सरकार हों : शंकराचार्य

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम जनता से मिलते रहते हैं। सरकार चाहती है कि हम धर्मचारी बनें। देश में चार शंकराचार्य हैं जो सनातन धर्म की रक्षा करते हैं। अब उन पर हमले शुरू हो गए हैं। सच्चाई कभी खत्म नहीं होती, वह हमेशा बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि गौ हत्या की रोकथाम के लिए आवाज उठाई जा रही है और हम इसे और मजबूत करेंगे। ये लोग जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। देश की जनता गौ माता की रक्षा चाहती है। चारों पीठों के शंकराचार्यों के साथ मिलकर हम गौ माता की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं।