शरद पवार की राजनीति पर राहुल गांधी को सीख: पीएम मोदी की तारीफ में क्या है खास?
शरद पवार का दृष्टिकोण
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने राहुल गांधी को स्वस्थ राजनीति का पाठ पढ़ाने की आवश्यकता जताई है। उनका मानना है कि लोकतंत्र में आलोचना का स्थान है, लेकिन इसे सीमाओं में रहकर करना चाहिए। पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वे देश के लिए समर्पित हैं और राष्ट्रीय सम्मान की बात आने पर राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करना चाहिए।
राहुल गांधी को समझाने की जरूरत
शरद पवार को देश के अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। उनकी राजनीतिक सोच और दृष्टिकोण चुनावों के समय राहुल गांधी जैसे नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। पवार ने कहा कि जब भी राष्ट्रीय हित की बात हो, सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विचार भिन्न हो सकते हैं, लेकिन देश के सम्मान में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी ने पीएम मोदी के साथ मतभेद को और बढ़ा दिया है। पवार पुणे में लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे।
इंदिरा गांधी का किस्सा
पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि सोवियत संघ के दौरे के दौरान इंदिरा गांधी ने महसूस किया कि भारत के प्रधानमंत्री को उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने सोवियत अधिकारियों से कहा था कि वे भारत के 40 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करती हैं और यदि उनकी प्रतिष्ठा का सम्मान नहीं किया गया, तो वे इसे स्वीकार नहीं करेंगी।
पिछले साल भी पवार ने की थी मोदी की प्रशंसा
2022 में मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान, शरद पवार ने पीएम मोदी की प्रशासनिक क्षमताओं की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि मोदी की कार्यशैली प्रभावी है और वे किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। पवार ने यह भी कहा कि मोदी का स्वभाव ऐसा है कि वे एक बार जब कोई कार्य शुरू करते हैं, तो उसे पूरा करने तक नहीं रुकते।
