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शशि थरूर ने संसद में महिला आरक्षण पर उठाई आवाज़

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने संसद में महिला आरक्षण पर अपनी आवाज उठाई और एक हल्के पल को साझा किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं 'मानव 2.0' हैं और उनके लिए अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। इस दौरान, उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ एक मजेदार बातचीत का भी जिक्र किया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक गलियारों में इसकी गूंज।
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शशि थरूर ने संसद में महिला आरक्षण पर उठाई आवाज़

संसद में हल्का पल साझा करते थरूर


कांग्रेस के प्रमुख नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने शनिवार को संसद भवन में एक मजेदार क्षण साझा किया। लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद, थरूर ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ एक सेल्फी पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा कि रिजिजू को यह मानना पड़ा कि उन पर कोई महिला विरोधी होने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। यह घटना उस समय हुई जब एक दिन पहले ही सरकार का महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में गिर गया था। थरूर ने इस अवसर पर महिलाओं को 'मानव 2.0' बताते हुए उनके लिए अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया।


रिजिजू के साथ विपक्षी सांसदों की मुलाकात

थरूर ने एक्स पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें लोकसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विपक्षी सांसदों का एक समूह किरेन रिजिजू के साथ हंसते हुए दिखाई दे रहा है। थरूर ने लिखा, "लोकसभा में स्थगन के बाद विपक्षी सांसदों का हमारे आकर्षक संसदीय कार्य मंत्री के साथ छोटा-सा जमावड़ा।" उन्होंने बताया कि जब रिजिजू यह समझा रहे थे कि उनकी पार्टी विपक्ष को 'महिला विरोधी' क्यों कह रही है, तो उन्हें बताया गया कि उन पर ऐसा आरोप नहीं लगाया जा सकता। थरूर के अनुसार, रिजिजू को यह बात माननी पड़ी। इस छोटी-सी बातचीत ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है, खासकर जब महिला आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरी खाई है।


महिलाएं मानव 2.0 हैं, थरूर का बयान

थरूर ने इस मौके का लाभ उठाते हुए महिला आरक्षण पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "आइए, सच मान लें – महिलाएं प्रजाति का बेहतर आधा हिस्सा हैं। वे बेहतर मॉडल हैं: ह्यूमन 2.0। वे संसद और हर संस्थान में प्रतिनिधित्व की हकदार हैं।" हालांकि, उन्होंने एक चेतावनी भी दी। थरूर ने कहा कि महिलाओं की प्रगति को परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, जो उनके अनुसार "शरारती और संभावित रूप से खतरनाक" है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। उनका यह बयान उस विधेयक के संदर्भ में था, जिसमें सरकार ने 2029 से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव रखा था।


विधेयक गिरने पर रिजिजू और कांग्रेस की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पेश किया गया था। मतदान में 298 सांसदों ने इसका समर्थन किया, जबकि 230 ने विरोध किया। संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) न मिल पाने के कारण यह विधेयक हार गया। इसके बाद कांग्रेस ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की 'साजिश' की हार बताया। वहीं, किरेन रिजिजू ने इस दिन को 'काला दिन' करार दिया और कहा कि जिन पार्टियों ने इस विधेयक को रोका, उन्हें देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। रिजिजू ने कहा, "यह कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर एक काला दाग है, जिसे वे कभी नहीं मिटा पाएंगे।"