संदीपा विर्क ने तिहाड़ जेल में बिताए चार महीनों का दर्दनाक अनुभव साझा किया
संदीपा विर्क का जेल में अनुभव
नई दिल्ली। हाल ही में एक साक्षात्कार में, अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल में बिताए चार महीनों के भयानक अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि जेल की कठिन परिस्थितियों और अपमानजनक व्यवहार ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था, जिससे वह रोज़ भगवान से अपनी मृत्यु की प्रार्थना करती थीं। इस खुलासे में उन्होंने जेल के अंदर की कड़वी सच्चाइयों का जिक्र किया, जिसने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया।
संदीपा ने बताया कि जेल में प्रवेश करने से पहले उन्हें एक अनिवार्य प्रेग्नेंसी टेस्ट कराना पड़ा, जिसे उन्होंने बेहद अपमानजनक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने से पहले ही सिस्टम आपको एक अपराधी की तरह महसूस कराता है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि जेल के शौचालय बेहद गंदे थे और उन्हें जमीन पर सोना पड़ता था। 500 से अधिक कैदियों के साथ एक ही स्थान पर रहना उनके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत कठिन था। उन्होंने कहा कि जेल में उन्हें रोज़ एक ही तरह की दाल, सब्जी, चावल और चार रोटियां दी जाती थीं, जो अक्सर खाने योग्य भी नहीं होती थीं।
संदीपा ने कहा कि उन्हें सबसे अधिक दुख तब होता था जब उनके माता-पिता उनसे मिलने जेल में आते थे। वह उन्हें ऐसी स्थिति में देखकर खुद को दोषी मानती थीं और उनसे माफी मांगती थीं।
उन्होंने एक और कड़वा अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके जेल जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई करीबी लोगों ने उनसे दूरी बना ली और उन्हें सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया।
क्या था मामला?
अगस्त 2025 में संदीपा विर्क को प्रवर्तन निदेशालय ने लगभग 6 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने एक नकली वेबसाइट के माध्यम से ब्यूटी प्रोडक्ट्स बेचे और लोगों को फिल्म में मुख्य भूमिका दिलाने के नाम पर उनसे निवेश करवाया।
दिसंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 2 लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर जमानत दी थी और अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि इस मामले का मुख्य आरोपी अमित गुप्ता अभी भी फरार है। यह मामला (2008-2013) का है, यानी काफी पुराना है। वर्तमान में संदीपा विर्क अब जेल से बाहर हैं और उन्होंने जेल में जरूरतमंद महिला कैदियों की कानूनी सहायता करने की प्रतिज्ञा की है।
