संभल में होली के जश्न के लिए प्रशासन की विशेष तैयारियां: शांति और भाईचारे का संदेश
संभल में होली का त्योहार
संभल: होली का पर्व रंगों और खुशियों का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के संभल में प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। अधिकारियों ने पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए ऐसे कदम उठाए हैं, जिनका उद्देश्य विवादों से बचना और आपसी भाईचारे को बनाए रखना है।
मस्जिदों की सुरक्षा के उपाय
शहर की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद सहित लगभग दस मस्जिदों को बड़े तिरपालों से ढक दिया गया है। यह कदम खासकर उन मस्जिदों के लिए उठाया गया है, जो होली के जुलूस के मार्ग पर स्थित हैं। प्रशासन के अनुसार, दो अलग-अलग होली जुलूस जामा मस्जिद के सामने से गुजरेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पहले एक बार रंगों के छींटे गलती से मस्जिद की दीवार पर पड़ गए थे, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस बार ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी की गई है।
अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम
अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम
तिरपाल के साथ-साथ कुछ स्थानों पर मस्जिदों की दीवारों पर विशेष लेप भी लगाया गया है, ताकि रंग के दाग स्थायी न हों। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी और गश्त के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के उत्साह को कम करना नहीं, बल्कि सभी समुदायों के बीच विश्वास और शांति बनाए रखना है।
शांति समिति की सहमति
शांति समिति की सहमति से लिया गया निर्णय
जिला मजिस्ट्रेट राजिंदर पेंसिया ने स्पष्ट किया कि मस्जिदों को ढकना कोई नया कदम नहीं है। नगर परिषद द्वारा यह परंपरा पहले भी अपनाई जाती रही है। इस बार भी शांति समिति की बैठक में मस्जिदों के मुतवल्लियों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है।
सामुदायिक सौहार्द का महत्व
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सामुदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर यह सुनिश्चित किया गया है कि होली का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए। संभल प्रशासन इस बात का पूरा ध्यान रख रहा है कि होली के अवसर पर किसी भी प्रकार का सांप्रदायिक तनाव या मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो।
