संसद के बजट सत्र में 8 सांसदों का निलंबन वापस लिया गया
संसद के बजट सत्र का महत्वपूर्ण दिन
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण मंगलवार को अपने सातवें दिन पहुंचा, जहां लोकसभा के आठ सांसदों के निलंबन का निर्णय वापस ले लिया गया। यह निलंबन पहले चरण में तीन फरवरी को हुआ था, जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के सांसदों पर कार्रवाई की थी। इनमें से एक सांसद लेफ्ट से और बाकी सभी कांग्रेस के थे।
कागज फेंकने की घटना
कुछ सांसदों ने पीठासीन स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की ओर कागज फेंके थे, जिसके कारण उन्हें सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। यह घटना तब हुई जब राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा तनाव का उल्लेख किया। मंगलवार को कांग्रेस सांसद के सुरेश ने निलंबन रद्द करने की मांग की, यह कहते हुए कि सांसद सदन की कार्यवाही में सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
विपक्ष की समान बोलने की मांग
के सुरेश ने यह भी कहा कि विपक्ष को बोलने का समान अवसर मिलना चाहिए। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी निलंबन रद्द करने की अपील का समर्थन किया, यह कहते हुए कि सत्ता पक्ष को सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर के समक्ष निलंबन निरस्त करने का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद ओम बिरला ने मतदान कराया।
सांसदों की वापसी
ओम बिरला ने सभी सांसदों का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की, जिससे वे संसद के शेष बजट सत्र में भाग ले सकेंगे। उन्होंने सदन में नियमों और मर्यादाओं का पालन करने पर जोर दिया और सदस्यों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया।
सरकार की स्थिति
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी सांसद को जानबूझकर सदन से बाहर नहीं निकालना चाहती। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और सदन के सुचारू संचालन के लिए 'लक्ष्मण रेखा' खींची जानी चाहिए।
