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संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा शुरू

आज से संसद का विशेष सत्र आरंभ हो रहा है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिला आरक्षण कानून पर चर्चा की जाएगी। इस सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सत्र को नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। जानें इन विधेयकों के बारे में और कैसे ये बदलाव महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा शुरू

संसद का विशेष सत्र और नारी शक्ति वंदन अधिनियम

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: आज से संसद का विशेष सत्र आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण कानून को प्रभावी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे पहले, मोदी कैबिनेट ने पिछले बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी, जिससे 2029 के चुनावों से पहले महिलाओं को 33% आरक्षण मिल सकेगा।

संसद के इस विशेष सत्र की शुरुआत से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पोस्ट में लिखा, "आज से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में हम नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान है, और इसी भावना के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥"

संसद में पेश होने वाले तीन विधेयक

सरकार ने लोकसभा में पेश किए जाने वाले तीन संशोधन विधेयकों की सूची जारी की है। पहला विधेयक है- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026, जिसका उद्देश्य दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करना है। दूसरा विधेयक है- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जिसका लक्ष्य जनसंख्या की नई परिभाषा के अनुसार संसद में सदस्यों की संख्या बढ़ाना है। तीसरा विधेयक है- परिसीमन विधेयक 2026, जिसका उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या को बढ़ाना है। इसके तहत सीटों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।