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समाजवादी पार्टी ने आईपैक के साथ किया करार समाप्त, चुनाव रणनीति में बदलाव

समाजवादी पार्टी ने आईपैक के साथ अपना करार समाप्त कर दिया है, जो चुनावी रणनीति और प्रबंधन में मदद कर रहा था। प्रशांत किशोर के जाने के बाद, पार्टी ने यह कदम उठाया है। इसके पीछे मुख्य कारण ईडी की कार्रवाई है, जिसने आईपैक के काम को प्रभावित किया। जानें इस बदलाव के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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समाजवादी पार्टी ने आईपैक के साथ किया करार समाप्त, चुनाव रणनीति में बदलाव

समाजवादी पार्टी और आईपैक का करार समाप्त

समाजवादी पार्टी ने चुनावी रणनीति और प्रबंधन में सहयोग देने वाली एजेंसी आईपैक के साथ अपना करार समाप्त कर दिया है। हाल ही में यह जानकारी सामने आई थी कि पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए आईपैक से समझौता किया था। आईपैक के संस्थापक प्रशांत किशोर, जिन्होंने 2012 में गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा और नरेंद्र मोदी की सहायता की थी, अब अपनी राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं।


प्रशांत किशोर के जाने के बाद, प्रतीक जैन, विनेश चंदेल और ऋषिराज सिंह जैसे लोग आईपैक का संचालन कर रहे हैं। यह टीम पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के चुनावी अभियान का प्रबंधन कर रही थी। ममता की हालिया हार के बाद, अखिलेश यादव ने आईपैक से करार तोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि, इसका मुख्य कारण पश्चिम बंगाल की हार नहीं, बल्कि एजेंसी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई है।


जनवरी में, ईडी ने आईपैक पर छापा मारा और आरोप लगाया कि कोयला तस्करी के पैसे को आईपैक के माध्यम से सफेद किया गया है। इस घटना के बाद, ईडी ने एक निदेशक विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया और ऋषिराज सिंह को भी पूछताछ के लिए बुलाया। इस स्थिति के कारण आईपैक ने अपने कार्य को रोक दिया, जिससे ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति प्रभावित हुई। अखिलेश यादव ने इसी डर से आईपैक को छोड़ने का निर्णय लिया, क्योंकि उन्हें लगा कि चुनाव के दौरान ईडी की कार्रवाई से स्थिति बिगड़ सकती है।