समाजवादी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ अति निंदा प्रस्ताव पारित किया
भाजपा के महिला आरक्षण पर सवाल उठाए गए
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने आज भाजपा और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक अति निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस प्रस्ताव के माध्यम से हम केंद्र की भाजपा और उनके सहयोगी दलों की कड़ी निंदा करते हैं, जो महिला आरक्षण का दिखावा करते हैं। उनका असली उद्देश्य इस बिल के जरिए निर्वाचन क्षेत्रों का मनमाना परिसीमन करना है, न कि महिलाओं को उनके अधिकार देकर उन्हें सशक्त बनाना।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा झूठ फैला रही है कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया, जबकि यह बिल सभी दलों के सहयोग से पारित हुआ था। जो बिल पास नहीं हो सका, वह वास्तव में परिसीमन से संबंधित था। इसके अलावा, भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा और उनके सहयोगी 'जिसकी शक्ति, उसके अधिकार' की पुरानी सोच के लोग हैं, इसलिए वे सामाजिक क्षेत्र में भी शोषित, दमित और वंचित महिलाओं को हेय दृष्टि से देखते हैं। भाजपा की पुरुषवादी सोच आज भी महिलाओं को मान, सम्मान या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं देना चाहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों का स्वागत किया है। उनके दल के कई सदस्य महिलाओं के शोषण और अत्याचार से जुड़े हैं, जिनके उदाहरण मणिपुर, गुजरात, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में देखे जा सकते हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का 'नारी वंदन' का ढोंग वास्तव में नारी विरोधी है। वे कभी पहलगाम की विधवा का अपमान करते हैं, कभी हाथरस की बेटी का या कानपुर की नवविवाहिता का। भाजपा नारी 'वंदन' की जगह उनके 'क्रंदन' का कारण बन रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नारी के खिलाफ नारी को खड़ा करके एकता को तोड़ रही है और चुनाव के समय महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का अवसर नहीं देती। भाजपा और उनके सहयोगी संगठनों में महिलाओं को उचित मान-सम्मान नहीं देते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और उनके सहयोगी मंचों से नारी की स्वतंत्रता के हनन की बात करते हैं और केवल नारी के विचारों और परिधान पर नसीहतें देते हैं। वे अधिक बच्चों को जन्म देने की बात करके नारी के खिलाफ षड्यंत्र रचते हैं, जिससे नारी शारीरिक रूप से कमजोर हो जाती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नारी को केवल एक नारे में बदलना चाहती है, जिससे उन्हें वास्तविक अधिकार न देकर केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक किया जा सके।
