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सम्राट चौधरी बने बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री

भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जो भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह पहली बार है जब भाजपा राज्य में सरकार का नेतृत्व कर रही है। सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर उनके पिता शकुनी चौधरी की विरासत से प्रभावित है। जानें उनके जीवन और राजनीतिक करियर के बारे में अधिक जानकारी।
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सम्राट चौधरी बने बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री

सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना

सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली: भाजपा के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि यह पहली बार है जब पार्टी राज्य में सरकार का नेतृत्व कर रही है। सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं, और उन्हें राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने शपथ दिलाई।


सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए। एनडीए में भाजपा, नीतीश कुमार की जेडीयू और अन्य तीन पार्टियां शामिल हैं। इस समारोह में कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे।


सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर:

सम्राट चौधरी, जिनका असली नाम राकेश कुमार है, के पिता शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति के एक प्रमुख नेता रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस, समता पार्टी और आरजेडी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शकुनी चौधरी ओबीसी समुदाय के एक प्रमुख चेहरा माने जाते थे और उन्होंने विधायक से लेकर सांसद तक का सफर तय किया। यह राजनीतिक विरासत सम्राट चौधरी को मिली है।


सम्राट चौधरी ने 1990 के दशक में आरजेडी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में 19 साल की उम्र में मंत्री बने। लालू प्रसाद यादव ने उन्हें एमएलसी बनाकर मंत्री पद पर नियुक्त किया, लेकिन उम्र को लेकर विवाद के कारण उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।